
Ghee Price Hike in Rajasthan: बालोतरा। कमजोर मानसून से चारा-पानी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पशुपालकों ने दूध के दाम बढ़ाए और अब पिछले एक पखवाड़े में घी की कीमतों में भी बड़ा उछाल आया है। आगामी दिनों में श्राद्ध पक्ष, नवरात्र, दशहरा व दीपावली पर्व के साथ धार्मिक कार्यक्रम और प्रतिष्ठान शुभारंभ होंगे। इसके बाद वैवाहिक सीजन शुरू होगा। इन दिनों दूध और घी की सर्वाधिक खपत होती है। ऐसे में घी की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका से आमजन, मिठाई कारोबारी और जिन परिवारों में विवाह व धार्मिक आयोजन होने हैं, उनकी चिंता बढ़ गई है।
इस वर्ष देशभर में मानसून की स्थिति खराब है। सामान्य औसत से करीब 18 से 20 प्रतिशत कम बारिश होने से चारा-पानी का संकट खड़ा हो गया है। पिछले कुछ समय में चारा और पानी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। महंगे पशुपालन के चलते पशुपालकों ने दूध के दाम बढ़ाए हैं। जानकारी के अनुसार प्रति किलो दूध की कीमत में 5, 8 व 10 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर घी की कीमतों पर पड़ा है।
मांग के अनुरूप दूध का उत्पादन नहीं होने और दाम बढ़ने से घी की कीमतों में भी तेजी आई है। होलसेल भाव में 15 किलो घी के टीन की कीमत एक सप्ताह पहले 9200 रुपए थी, जो अब बढ़कर 9900 रुपए हो गई है। प्रति टीन कीमत में करीब 500 से 700 रुपए की बढ़ोतरी बताई जा रही है। वहीं प्रति किलो घी के डिब्बे की कीमत 550 रुपए से बढ़कर 590 रुपए हो गई है। घी कारोबारी के अनुसार आगामी दिनों में मांग बढ़ने के साथ कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका है।
होलसेल घी कारोबारी किशोरसिंह राजपुरोहित ने बताया कि कमजोर मानसून के चलते चारा-पानी की कीमतें बढ़ी हैं। इसके बाद पशुपालकों ने दूध के दाम बढ़ाए। मांग के अनुरूप दूध उपलब्ध नहीं होने से पिछले एक पखवाड़े में घी के दाम में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इससे बिकवाली प्रभावित हुई है।
मिठाई कारोबारी विकास सिंघल ने बताया कि पिछले एक वर्ष से घी की कीमतें पहले ही ज्यादा हैं। बीच में कुछ कमी होने से राहत मिली थी, लेकिन त्योहार सीजन शुरू होने से पहले कीमतों में बढ़ोतरी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नारायणराम ने कहा कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें पहले से ही ज्यादा हैं। अकाल से हालात खराब हैं। ऐसे में घी की कीमतों में फिर बढ़ोतरी को लेकर परेशानी है। सरकार को आम जरूरत की वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण करना चाहिए।