बाड़मेर

एड्स से घृणा करनी चाहिए, एड्स पीडि़त से नहीं

- कन्या महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित

less than 1 minute read
एड्स से घृणा करनी चाहिए, एड्स पीडि़त से नहीं

बाड़मेर. एड्स लाइलाज है, इससे बचाव ही इसका उपाय है। उक्त विचार एमबीसी राजकीय कन्या महाविद्यालय बाड़मेर में रेड रिबन क्लब तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विश्व एड्स दिवस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. हुकमाराम सुथार ने व्यक्त किए।

डॉ. सुथार ने कहा कि इस बार विश्व एड्स दिवस 2021 की थीम असमानता समाप्त एड्स समाप्त है, हमें एड्स से घृणा करनी चाहिए न कि एड्स रोगी से। प्रो. जितेन्द्र बोहरा ने कहा कि विश्व एड्स दिवस का उद्देश्य एचआईवी या एड्स से ग्रसित लोगों की मदद करने के लिए धन जुटाना, लोगों में एड्स को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना, एड्स या एचआईवी से पीडि़त लोगों के खिलाफ हो रहे भेदभाव को रोकना और एड्स से जुड़े मिथको दूर करते हुए लोगों को शिक्षित करना है।

राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम एवं रेड रिबन क्लब प्रभारी प्रो. डायालाल सांखला ने बताया कि रेड रिबन एड्स दिवस का प्रतीकात्मक चिन्ह है। लाल रिबन एचआईवी से पीडि़त लोगों के लिए जागरूकता और समर्थन का प्रतीक है। इस क्लब में अधिक से अधिक युवाओं को जोडऩा है जो अपने आसपास के लोगों में एड्स के रोकथाम और जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगे।

इस अवसर पर महाविद्यालय में एड्स विषय से सम्बन्धित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें 48 छात्राओं ने भाग लिया।प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर ममता तथा साक्षी चौहान, द्वितीय चंचल तथा तृतीय कशिश खत्री रहीं।

Published on:
01 Dec 2021 10:55 pm
Also Read
View All