बाड़मेर

पक्षी बनाएं तो भी इस धोरां धरती का-अनवर

अनवर की पत्रिका से खास बात करते हुए अनवर कहते है कि इस जमीन का मैं कर्जदार हूं। मेरी रूह में धोरा धरती बसी है।
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Feb 07, 2019
Anwar Khan Bahia awarded Sangeet Natak Akademi
Anwar Khan Bahia awarded Sangeet Natak Akademi

बाड़मेर. बाड़मेर के अनवर खां बहिया को संगीत नाटक अकादमी की ओर से लोक गायकी की क्षेत्र में पुरस्कार से बुधवार को सम्मानित किया गया। अनवर की पत्रिका से खास बात करते हुए अनवर कहते है कि इस जमीन का मैं कर्जदार हूं। मेरी रूह में धोरा धरती बसी है।

पक्षी भी बनाएं तो यहीं का बनाएं। वो कहते है कि बहुत मुश्किल हालात थे। जैसलमेर के बहिया गांव में परिवार रहता था। पिता रमजानखां ही नहीं कई पीढि़यों से यही गाने बजाने का काम था। तीसरी कक्षा तक पढ़ा और दस साल की उम्र से गा रहा हूं।

हम मांगणिहार है..कहते है कि हम तो रोते भी सुर में है तो यह तो हमें जन्मघुट्टी के साथ मिली कला है। अहसानमंद है कोमल कोठारी और मगराज जैन के जिन्होंने हम मांगणिहार कलाकारों की कला को पहचानते हुए आगे बढ़ाया।

70 देश की यात्रा कर चुका हूं

1982 में रूस, इंग्लैण्ड सहित कई देशों की यात्रा की। पहली बार गया था। सबसे युवा था। इसके बाद सिलसिला एेसा चला कि अब तक 70 देशों की यात्रा कर चुका हूं।हर देश में जाकर जक आवोनी पधारो म्हारे देस की धुन छेड़ते है तो एेसे लगता है कि हम अपना राष्ट्रगान गा रहे है....। यह देश हमारी मरूधरा है...हमारा बाड़मेर-जैसलमेर।

इस कला को हम जिंदा रखेंगे

अनवर बताते है कि मांगणिहार गायकी की इस कला को अब आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को जब भी बाड़मेर-जैसलमेर में रहता हूं रियाज करवाता हूं। सुरों की पहचान करवाता हूं। मंच पर भी उनको साथ में लेकर हौंसला अफजाही करते है। यह कला जिंदा रहेगी...हम मांगणिहार यही कहते है कि हमें तो हर जन्म में बस यही गांव, यही कला और यही यजमान मिले। संगीत की एेसे ही उपासना करें।

टी.वी. ने दिया है नया मंच

अनवर कहते है कि टी वी और अत्याधुनिक मीडिया ने मांगणिहार कलाकारों को कद्र दी है। युवा लड़कों को टी वी कार्यक्रमों में खूब दाद मिल रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी अब काफी पंसद किया जा रहा है। वे कहते है कि आधुनिक दौर में मांगणिहार गायकी के लिए विपुल संभावनाएं है।

Updated on:
07 Feb 2019 03:17 pm
Published on:
07 Feb 2019 03:17 pm