
नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन तीन बजे दरवाजा बंद होने के बाद नामांकन वापस लेने आई प्रत्याशी को वापस जाना पड़ा।
बाड़मेर पत्रिका. नगर परिषद चुनाव में नाम वापसी के बाद अब 55 वार्डों में मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। कहीं भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है तो कहीं निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं। छह वार्डों में आरएलपी की मौजूदगी से भाजपा-कांग्रेस के सामने तीसरी चुनौती खड़ी है। एक वार्ड में बीएसपी प्रत्याशी भी मैदान में है। वहीं 19 वार्डों में चार या पांच प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होने से चुनावी गणित उलझा हुआ है। ऐसे में निर्दलीय, आरएलपी और बीएसपी प्रत्याशियों को मिलने वाले वोट कई वार्डों में जीत-हार का अंतर तय कर सकते हैं।
नाम वापसी के बाद 14 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। यहां तीसरे मजबूत विकल्प की गैरमौजूदगी में दोनों दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। इन वार्डों में पार्टी के परंपरागत वोट बैंक के साथ प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय समीकरण और वार्ड के मुद्दे अहम भूमिका निभाएंगे।
15 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं। इन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं। निर्दलीयों की व्यक्तिगत पकड़ और उन्हें मिलने वाले वोट दोनों प्रमुख दलों के समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर करीबी मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं।
आरएलपी ने भी कई वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के सामने चुनौती खड़ी की है। छह वार्डों में आरएलपी प्रत्याशी के मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय है। यहां आरएलपी कितना वोट अपने पक्ष में खींच पाती है, इस पर चुनावी परिणाम का गणित काफी हद तक निर्भर करेगा। भाजपा-कांग्रेस के बीच करीबी मुकाबले में आरएलपी के वोट जीत-हार का अंतर बदल सकते हैं।
19 वार्डों में मुकाबला चार या पांच प्रत्याशियों के बीच है। भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय और आरएलपी के प्रत्याशियों की मौजूदगी से यहां चुनावी गणित सबसे ज्यादा पेचीदा है। वोटों का बंटवारा होने से किसी एक प्रत्याशी को स्पष्ट बढ़त हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में इन वार्डों में व्यक्तिगत संपर्क और स्थानीय समीकरण ज्यादा प्रभावी रह सकते हैं।
एक वार्ड में बीएसपी प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। यहां भाजपा और कांग्रेस के साथ बीएसपी की मौजूदगी से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। बीएसपी प्रत्याशी को मिलने वाले वोट दोनों प्रमुख दलों के समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।
कुल प्रत्याशी : 179
भाजपा-कांग्रेस : 110
निर्दलीय : 50
आरएलपी : 18
बीएसपी : 1
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Updated on:
05 Sept 2026 06:12 pm
Published on:
05 Sept 2026 06:12 pm
