-दावा: बाड़मेर का छात्र प्रेम जिला टॉपर -नियमित पढ़ाई और मोबाइल टीवी से दूरी
बाड़मेर . कहते हैं कि प्रतिभाएं छुपती नहीं है। अपने दम पर मुकाम बनाती है सब के सामने प्रकाश की तरह नजर आती है। थार की प्रतिभाएं भी कुछ इसी तरह का कमाल दिखा रही है। प्रतिभाओं ने दसवीं बोर्ड में 98 फीसदी से अधिक अंक हासिल कर बाड़मेर का नाम रोशन किया है। विद्यार्थियों ने नियमित पढ़ाई के साथ मोबाइल टीवी से दूरी बनाकर रखी।
बाड़मेर शहर के गांधीनगर स्थित मयूर नोबल्स स्कूल के छात्र प्रे्रमकुमार ने 98.50 फीसदी अंक हासिल कर बाड़मेर जिले में पहले नंबर पर होने का दावा किया जा रहा है। छात्र के पिता डिस्कॉम में कार्यरत है। गांधीनगर में पिता के साथ किराए के मकान में रहते पढ़ाई की। छात्र पढ़ाई के साथ पिता का घरेलू कार्य में भी मदद करता रहा है। प्रेमकुमार का मूल गांव आदर्श लुखु है। पिता लालूराम कहते है बेटे ने कड़ी मेहनत कर मुकाम हासिल किया है, अब इसकी इच्छा है गणित विषय लेकर आगे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहता है। छात्र की माता टीमूदेवी गांव में रहती है।
सुबह पांच बजे उठता है प्रेम
छात्र प्रेमकुमार रोज सुबह 5 बजे उठ जाता है। इसके बाद अध्ययन करता है। उसने नियमित पढ़ाई के साथ घर में भी कार्य में मदद करते हुए सफलता हासिल की है।
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चिरंजीव ने हासिल किए 98.17 फीसदी
बाड़मेर शहर के ग्लोब एकेडमी में अध्यनरत चिरंजीव पुत्र पुखराज टेलर ने दसवीं बोर्ड परिणाम में 98.17 फीसदी अंक हासिल किए। पिता वाणिज्यिक विभाग में अधिकारी है। मूलत: बालेबा गांव के रहने वाले वर्तमान में शहर की इन्द्रा कॉलोनी में निवासरत है।
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पिता किसान, बेटे ने किया कमाल
बाल मंदिर बाड़मेर में अध्ययन छैलसिंह ने मल्लीनाथ छात्रावास में रहते हुए 98.00 फीसदी अंक हासिल किए है। पिता डूंगरसिंह किसान है, जो गांव में खेती करते हैं। छात्र दो साल से शहर की छात्रावास में प्रवेशित है। वह सीमावर्ती क्षेत्र के मगरा गांव का निवासी है।