-बाड़मेर में कृषि के परम्परागत तरीकों में आ रहा बदलाव-जिले में फल उत्पादन में किसानों की बढ़ती रूचि
बाड़मेर। बाड़मेर जिले में कृषि के परंपरागत तरीके में बदलाव आ रहा है तथा यहां उन्नत तरीके से कृषि की जा रही है। जिले में खरीफ की फसल के अलावा सिंचित क्षेत्रों में रबी की फसल के रूप में जीरा एवं इसबगोल का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है। सिवाना में अनार एवं अंजीर का भी उत्पादन किया जा रहा है, ऐसे में इस क्षेत्र में अनार के प्रसंस्करण उद्योग की संभावना तलाश की जा रही है तथा शीघ्र ही इस पर विस्तृत कार्य योजना बनाकर काम शुरू किया जाएगा।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने मंगलवार को वीसी के जरिए बैठक कर राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओ एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान बाड़मेर जिला कलक्टर ने उन्हें यहां पर कृषि क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों को लेकर अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि यहां पर खेती के पम्परागत तरीकों को बदलते हुए उन्नत उपाय अपनाए जा रहे हैं। जिससे किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है।
जिले में जीरे की खूब संभावनाएं
उन्होंने जिले में जीरे के प्रसंस्करण उद्योग के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान जल जीवन मिशन, घर घर औषधि योजना, कृषि एवं पशुपालन, सहकारिता तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।