बाड़मेर

राजस्थान के इस जिले में चार साल से सपना बनी हवाई सेवा, 2018 में जुड़ी थी उड़ान योजना से

तेल, गैस और खनिज के खजाने बाद हर दिन 15 करोड़ से अधिक का राजस्व दे रहे बाड़मेर जिला मुख्यालय को हवाई सेवा से जोडऩे का सपना चार साल बाद भी हवा में ही है।
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Updated: 21 May 2023, 2:01 PM IST
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तेल, गैस और खनिज के खजाने बाद हर दिन 15 करोड़ से अधिक का राजस्व दे रहे बाड़मेर जिला मुख्यालय को हवाई सेवा से जोडऩे का सपना चार साल बाद भी हवा में ही है। एक साल पहले सांसद एवं मंत्री कैलाश चौैधरी ने शीघ्र सेवा प्रारंभ होने का दावा किया था लेकिन अभी भी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और वायुसेना के बीच में करार नहीं होने से मामला अटका हुुआ है।

उड़ान योजना के तहत 2018 में छोटे शहरों को विमान से जोड़ने में बाड़मेर जिला मुख्यालय को भी शामिल किया गया और बाड़मेर के पास में उत्तरलाई हवाईअड्डा होने से वायुसेना से करार कर यहां सिविल एयरपोर्ट को लेकर उम्मीदें बलवती हुुई। प्रशासन की ओर से उत्तरलाई के पास ही 7 बीघा 10 बिस्वा जमीन आवंटित कर दी गई। जमीन आवंटन बार भारतीय विमानपत्तर प्राधिकरण और वायुसेना के बीच में एमओयू व एनओसी का मामला अटका हुआ था। एक साल पहले सांसद एवं मंत्री दावा किया कि एमओयू हो गया है और अब शीघ्र सेवा प्रारंभ होगी लेकिन अभी तक यह मामला अटका हुआ है।

सबकुछ तय है बस हां का इंतजार
बाड़मेर में एयरपोर्ट संचालन को लेकर एयरफोर्स स्टेशन के पास एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एएआई ) टर्मिनल का निर्माण करेगा। जहां से यात्रियों के टिकट, ठहराव व जांच सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएगी।

फैक्ट फाइल
● 2018 में उड़ान योजना बनी
●2019 में बाड़मेर शामिल कर वादा किया
●2021 में जमीन आवंटन कर दिया गया
●2022 में एमओयू का किया गया दावा

सुरक्षा शर्तों के साथ अनुमति
रक्षा मंत्रालय की ओर से एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी ओर से सुरक्षा शर्तों के साथ उत्तरलाई में सिविल एयरपोर्ट टर्मिनल शुरू करने को लेकर स्वीकृति प्रदान की गई। अब बाड़मेर से जल्द विमान उड़ान भरेंगे।

एएआइ को लीज पर भूमि
एएआइ को एयरफोर्स स्टेशन के भीतर रक्षा मंत्रालय ने करीब 4568 वर्ग मीटर भूमि लीज के आधार पर देगा। इसके लिए ऑथोरिटी को सालाना किराया चुकाना होगा। यात्रियों के लिए एयरफोर्स स्टेशन की दीवार में 7 मीटर चौड़ाई का प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। साथ ही बस में बैठकर यात्री रन-वे के लिए आवाजाही करेेंगे। बस की व्यवस्था इसलिए की जाएगी, क्योंकि टर्मिनल और रन-वे में काफी दूरी होगी।

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