जसोल में कार्यशाला आयोजित
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जसोल. तेेरापंथ महिला मंडल जसोल के तत्वावधान में बुधवार को कस्बे में साध्वी गुलाब कंवर के सान्निध्य में कार्यशाला हुई।
नमस्कार महामंत्र, त्रिपदी वंदना व मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरूआत की गई। महिला मंडल ने प्रेरणा गीत की प्रस्तुति दी। मंडल अध्यक्ष जयश्रीदेवी भंसाली ने स्वागत भाषण दिया। उपासिका मोहनीदेवी संकलेचा ने खान-पान के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि व्यक्ति जिस प्रकार का अन्नखाता है, उसी प्रकार से उसका मन होता है। इसलिए सदैव अच्छा भोजन करना चाहिए। साध्वी भानुकुमारी ने कहा कि व्यक्ति को हमेशा अपने जीवन में जप, तप और त्याग को अपनाना चाहिए। परिवार में एकता व संगठन के लिए समर्पण रखें। माता, पिता, गुरु व धर्म के प्रति विनयभाव जरूरी है। साध्वी हेमरेखा कहा कि व्यक्ति को आंतरिक सौंदर्य के लिए योग , ध्यान , और प्राणायाम करना चाहिए। सहमंत्री ममता मेहता ने आभार ज्ञापित व संचालन शशिकला छाजेड़ ने किया।
छह री पालित संघ का स्वागत
- सिणधरी से आरम्भ हुई पैदल यात्रा
जसोल. खरतरगच्छ आचार्य मणिप्रभ सूरीश्वर के सान्निध्य में सिणधरी से नाकोड़ा के लिए पहुंचे छह री पालित पद यात्रा संघ का कस्बे में बुधवारर को स्वागत किया गया। मिठी मां चौक में श्रद्धालुओं ने आचार्य का सामैया किया। इसके बाद वे जुलूस के रूप में मुख्य बाजार, महावीर चौक, अहिंसा सर्किल, इलोजी का चौक होते हुए श्री अमीजरा शांतिनाथ मंदिर पहुंचे। यहां श्रदालुओं ने दर्शन, पूजन कर खुशहाली की कामना की । इससे पहले सिणधरी से रवाना हुई छ:री पालित यात्रा विभिन्न गांवों से होकर निकली। इस दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह पर स्वागत करते हुए सामैया किया। साधु-संतों ने धर्म की शिक्षा देते हुए कहा कि जीवन में पुण्य कर्म ही व्यक्ति को भव सागर से पार लगाते हैं। उन्होंने परोपकार व पर सेवा की बात कही। इस अवसर पर नरसिंहमल, टोमचंद देसाई परिवार सिणधरी का जसोल जैन समाज ने बहुमान किया। कार्यक्रम में भंवरलाल बोकडिय़ा, शंकरलाल भंसाली, ओगचंद भंसाली, बाबूलाल छाजेड़, अशोककुमार गोलेच्छा उपस्थित थे।