बाड़मेर

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन के दिन पर्व नहीं मनाता यह समाज, बरसों पुरानी परंपरा का कर रहे निर्वहन

Raksha Bandhan 2025:भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व देशभर में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। लेकिन, चारण समाज के लोग रक्षाबंधन पर्व को एक दिन पहले या बाद में मनाते है।

less than 1 minute read
Aug 09, 2025

बालोतरा। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व देशभर में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। लेकिन, चारण समाज के लोग रक्षाबंधन पर्व को एक दिन पहले या बाद में मनाते है। चारण समाज के लोग आज भी बरसों पुरानी परंपरा का निर्वहन कर रहे है।

कल्याणपुर के पूर्व सरपंच भंवरदान चारण ने बताया कि चारण समाज की आराध्य देवी करणी माता की जन्मस्थली गांव सुवाप तथा ससुराल साठिका गांव में है। ऐसे में मान्यता है कि रक्षाबंधन के दिन करणी माता के पुत्र लाखन की मृत्यु कोलायत के कपिल सरोवर में डूबने से हो गई थी। इसी कारण चारण समाज शोक वश इस दिन रक्षाबंधन नहीं मनाता है।

ये भी पढ़ें

समंदर हिलोरा: राखी पर भाई अपनी बहनों को पानी पिलाकर खुलवाते हैं व्रत, जानें राजस्थान की अनोखी परंपरा

एक दिन पहले या बाद में मनाते हैं पर्व

घडोई चारणान निवासी देवीदान चारण ने बताया कि समाज के लोग एक दिन पहले या बाद में रक्षाबंधन मनाते हैं। राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में बसे चारण समाज के लोग इस परंपरा का निर्वहन करते हैं।

पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा

भंवरदान, मोहब्बत दान, कैलाशदान, सेणीदान, विजय सिंह, विनोद सिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है, जिसे आज भी पूरे श्रद्धा और संकल्प के साथ निभाया जाता है।

ये भी पढ़ें

रक्षाबंधन के दिन MLA रविंद्र भाटी की अनूठी पहल, खेजड़ी को बांधी राखी; पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
Also Read
View All
मदर्स डे स्पेशल: अनपढ़ होकर भी हरकू देवी ने समझा शिक्षा का महत्व, स्कूल के लिए दान की जमीन

मदर्स डे सक्सेस स्टोरी: मां की रिकॉर्डिंग सुनकर मोहित ने क्रैक की RAS परीक्षा, संघर्ष और समर्पण की अद्भुत मिसाल

Rajasthan: राजस्थान में कुदरत का अनोखा ‘चमत्कार’, भीषण गर्मी में भी 72 घंटों से नहीं पिघले ओले, ग्रामीण हुए हैरान

Ravindra Singh Bhati: श्रमिकों की बहाली की मांग को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी का आंदोलन तेज, बोले: स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिला तो आंदोलन होगा बड़ा

बदलता राजस्थान : विकास की दौड़ में सबसे आगे निकला पश्चिमी राजस्थान का ये जिला, रिकॉर्ड दिनों में हासिल की बड़ी उपलब्धि