
बाड़मेर. थार में चल रहा सर्दी का सितम बीमार करने लगा है। अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में पिछले सात दिनों से इजाफा हुआ है। जबकि पिछले दिनों से ओपीडी काफी कम थी। सर्दी बढऩे के साथ मरीज की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सबसे अधिक मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार के आ रहे हैं।
सर्दी का सबसे अधिक असर बुजुर्गों और बच्चों पर हो रहा है। इसलिए अस्पताल पहुंचने वाले बच्चे और बुजुर्गों की संख्या भी अधिक है। बच्चों में सर्दी-जुकाम के पीडि़त ज्यादा आ रहे हैं। वहीं बुजुर्गों में जोड़ों का दर्द बढऩे और बुखार की शिकायत के मरीज बढ़े हैं।
यों बढ़ी सर्दी और मरीज
थार में 12 दिसम्बर से इस सीजन में सर्दी का असर शुरू हुआ था। इसके बाद लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सर्दी के साथ इसकी चपेट में आने वाले मरीज भी बढ़ते गए। 12 दिसम्बर को थार में कोहरा छाने के साथ सर्दी के तेवर तेज हुए थे। इसके बाद एक दिन भी इससे राहत नहीं मिली है।
पारा गिरा, मरीज बढ़े
जैसे-जैसे पारा गिरता रहा, अस्पताल की ओपीडी का आंकड़ा बढ़ता गया। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीज पर्ची के लिए कतार में लगे नजर आए। जबकि इसमें वरिष्ठ नागरिक, बीपीएल, छोटे बच्चे व बीपीएल मरीज शामिल नहीं हैं।
स्वाइन फ्लू से सावचेती जरूरी
मौसम में आए परिवर्तन से सर्दी-जुकाम के मरीज चिकित्सा विभाग की चिंता बने हुए हैं। पिछले दिनों स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से छात्रा की मौत के बाद विभाग भी इस बारे में सतर्कता बरत रहा है।
इस साल चिकित्सा विभाग के लिए राहत की बात यह है कि इस साल अब तक केवल 11 मरीज ही स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव आए हैं। लेकिन सर्दी बढऩे से सर्दी-जुकाम के मरीज बढऩे से संदिग्धों की संख्या बढ़ सकती है।
बच्चे सर्वाधिक प्रभावित
मौसम बच्चों को सबसे ज्यादा चपेट में ले रहा है। अद्र्धवार्षिक परीक्षा देने पहुंच रहे कई बच्चे बीमार होने के बावजूद स्कूल पहुंच रहे हैं। अभिभावकों यहां से उन्हें जल्दी पेपर पूरा करवा कर साथ ले जा रहे हैं।
अस्थमा वाले बरते सावधानी
सर्दी का असर अस्थमा की शिकायत बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसे बच्चों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सावधानी में बच्चों को बाहर का कुछ भी खाने को नहीं दें। एकदम से बाहर नहीं जाने दें। दिन में धूप का सेवन जरूर करवाएं। खांसी-जुकाम होने पर मास्क जरूर लगाएं। जिससे दूसरे बच्चे प्रभावित नहीं हों।
सर्दी से पीडि़त बच्चे ज्यादा
मौसम में आए बदलाव के चलते सर्दी से बीमार होने वाले बच्चे ओपीडी में ज्यादा आ रहे हैं। इसमें सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज हैं।
डॉ. महेन्द्र चौधरी, शिशु रोग विशेषज्ञ, एमसीएच यूनिट बाड़मेर
एक नजर इस पर भी
दिसम्बर तापमान ओपीडी
17 09.03 894
18 09.03 945
19 09.06 1017
(इसमें वरिष्ठ नागरिक, पेंशनर्स, बच्चे और बीपीएल मरीज शामिल नहीं हैं)