बाड़मेर

मजदूरों के नाम लाया टीका……घरवालों को ही बुलाकर लगाया

-जिले में ऐसा संभवत: पहला मामला, जिसमें टोकन से लगे टीके-बिना पूर्व पंजीयन और लिस्ट के मनमर्जी से लगाए टीके-टीके किसे लगाए जाएंगे, नहीं ली चिकित्सा विभाग ने जानकारी-मंडी व्यापारियों के यहां काम करने वाले श्रमिकों को लगने थे टीके-कई महिलाओं और युवतियों को भी लगा दिए टीके

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मजदूरों के नाम लाया टीका......घरवालों को ही बुलाकर लगाया

बाड़मेर. मजदूरों के नाम का टीका कृषि उपज मण्डी में लाया गया लेकिन लग गया परिवार के लोगों के। प्रशासन ने टीके आवंटित करने के बाद यह ध्यान ही नहीं दिया कि किसको लग रहे है और लगाने वालों ने अंधेरगर्दीं देखकर अपने ही परिवार के कई लोगों को बुलाकर टीके लगा दिए।
शहर की कृषि उपज मण्डी में शुक्रवार को टीककारण के लिए 150 डोज आवंटित की गई थी। व्यापारियों के साथ टीके श्रमिकों को लगने थे ताकि वे मंडी में कार्य करने के लिए सुरक्षित रहे। प्रशासन ने इसके लिए दो कार्मिकों को भेज दिया। जिन व्यापारियों को यह जिम्मेदारी दी गई थी उनको जब पोल लगी कि जिसको भी अंदर भेज रहे है केवल आधार कार्ड देखकर टीके लगा रहे है तो उन्होंने परिवार के सदस्यों को बुला लिया और टीके लगवा लिए।
युवतियों और महिलाओं से भी नहीं सवाल
यहां पर केवल कृषि मंडी में काम करने वाले श्रमिकों को टीके लगाने के लिए चिकित्सा विभाग ने 150 डोज दी थी, लेकिन बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों को टीके लगा दिए गए। किसी ने भी यह प्रश्न नहीं किया कि ये महिलाएं और युवतियां कृषि मण्डी में व्यापारी है या श्रमिक?
टोकन का कैसा सिस्टम
यह पहला अवसर था कि टोकन पर टीके लग रहे थे, जबकि वैक्सीन लगाने के लिए आम आदमी इन दिनों ऑन लाइन पंजीयन से लेकर कई माथापच्ची करने के बावजूद भी टीका नहीं लगवा पा रहा है।
एसडीएम को बताया तो पहुंचे मंडी सचिव
कैम्प में चल रही मनमर्जी के टीकाकरण को लेकर जब एसडीएम रोहित चौहान को बताया तो उन्होंने मंडी सचिव रमेश मंगल को मौके पर भेजा। इसके बाद भी यहां पर महिलाओं और युवतियों के आने का सिलसिला चलता रहा। मंडी प्रशासन से एक व्यक्ति को यहां तैनात किया गया और महिलाओं को रोकने शुरू किया गया लेकिन तब तक बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियों के टीके लग चुके थे।
अधिकारियों को पूछा तो किस ने क्या कहा...
-व्यापारियों और श्रमिकों के टीके लगवा रहे हैं। किसे टीका लगेगा यह मुझे मालूम नहीं है। व्यापार संगठन के पदाधिकारी ही बता सकते हैं । टीके किसे लगेगा। इस बारे में पहले से कोई लिस्ट नहीं बनी कि किसे टीका लगाया जाएगा।
सुरेश मंगल, मंडी सचिव बाड़मेर
-मंडी प्रशासन को टीके उपलब्ध करवाए थे। पहले से ही तय होता है उन्हीं को टीके लगने चाहिए। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी होती है इसे दिखवाया जाएगा।
डॉ. बीएल विश्नोई, सीएमएचओ बाड़मेर

Published on:
29 May 2021 08:28 pm
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