
पचपदरा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता से दुष्कर्म के बाद उसे थिनर डालकर जलाने और उपचार के दौरान मौत के बाद मामले में उपजा गतिरोध शनिवार रात करीब 2 बजे खत्म हो गया। परिजनों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में चली वार्ता में मुआवजा और नौकरी की मांग पर सहमति गन गई। इसके बाद जोधपुर के एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखा शव उठा लिया गया।
जोधपुर से पुलिस की निगरानी में महिला का शव उसके गांव ले जाया गया। सुबह 5 बजे एंबुलेंस जोधपुर से रवाना हुई और पीडि़ता के गावं में सुबह 9 बजे अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस का जाब्ता तैनात रहा। अधिकारी भी यहां पर मौजूद रहे।
25 लाख मुआवजा और नाकरी पर बनी सहमति
ग्रामीण, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के बीच काफी लम्बी वार्ता चली। इस दौरान देर रात तक लोग इंतजार करते रहे कि समझौता हो जाएगा। जिला कलक्टर और एसपी रात में बालोतरा पहुंचे और बातचीत की। विधायक मदन प्रजापत ने सरकार से 25 लाख, 5 लाख विधायक कोष व 5 लाख निजी तौर पर देने का प्रस्ताव रखा। लेकिन परिजन एक करोड़ की बात पर अड़े रहे। इस बीच कलक्टर लोकबंधु और एसपी की समझाइश पर परिजनों ने सहमति जताई।
यह था मामला
पचपदरा थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन दिन पहले विवाहिता के साथ पड़ोस में रहने वाले आरोपी शकूर खां ने बलात्कार किया था। इसके बाद थिनर की बोतल को पीडि़ता के ऊपर उड़ेल कर आग लगा दी। जिससे वह 60-70 फीसदी तक झुलस गई थी। दो दिनों तक उसका उपचार बालोतरा के सरकारी और निजी अस्पताल में चला। इस बीच गंभीर स्थिति पर शुक्रवार शाम को उसे जोधपुर रैफर कर दिया गया। जहां पर शनिवार को उसकी मौत हो गई थी।