
Former Union Minister Kailash Choudhary Statement (Patrika Photo)
Former Union Minister Kailash Choudhary Statement: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और अतिक्रमण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानून सख्त कार्रवाई करेगा।
कैलाश चौधरी ने जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक बनी एक मस्जिद का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बॉर्डर से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक पंचायत में, जहां की कुल आबादी सिर्फ 60, 70 या अधिकतम 100 लोगों की है, वहां करोड़ों रुपए (लगभग 5 से 7 करोड़ रुपए) की लागत से एक विशाल मस्जिद का निर्माण किया गया है।
चौधरी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय इस जगह के लिए विशेष तौर पर 100 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करवा दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी कम आबादी वाले बॉर्डर क्षेत्र में इतनी बड़ी रकम खर्च करके मस्जिद बनाने और विशेष सड़क देने के पीछे आखिर कौन सी गतिविधियां चल रही हैं? उन्होंने इस पूरे मामले को सीमा की सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक और संवेदनशील बताया।
कैलाश चौधरी ने अपने पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में सीमावर्ती इलाकों के हालात बहुत भयावह बने हुए थे। चौधरी ने दावा किया कि अगर पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं आती तो आने वाले 10 वर्षों में बंगाल की स्थिति ऐसी हो जाती कि वह बांग्लादेश का हिस्सा बनने की कगार पर पहुंच जाता। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की निगरानी करना देश के आम नागरिकों और प्रशासन, दोनों की साझी जिम्मेदारी है।
कैलाश चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि किसी भी पिछली सरकार के समय गलत तरीके से या नियमों को ताक पर रखकर कोई निर्माण कार्य या कब्जा किया गया है तो मौजूदा सरकार और प्रशासन उस पर उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कुछ गलत हुआ है, तो उसे वैसे ही नहीं छोड़ा जा सकता।
जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि कांग्रेस इस कार्रवाई को लेकर हमलावर है और आरोप लगा रही है कि इससे आपसी सौहार्द और भाईचारा बिगाड़ा जा रहा है तो इस पर चौधरी ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाईचारे और सौहार्द की बात करने वालों को अतिक्रमण करने से पहले सोचना चाहिए था। सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन को अपना काम करना ही होगा। इसमें किसी के नाराज होने या सरकार पर हमलावर होने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रखेगी।
कैलाश चौधरी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और शांतिप्रिय तरीके से काम कर रही है। भजनलाल सरकार ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है और राज्य की जनता उनके काम करने के तरीके को बेहद पसंद कर रही है।
उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान एक दुश्मन देश है, जिसकी भारत विरोधी गतिविधियों से सभी भली-भांति वाकिफ हैं। ऐसे माहौल में यदि देश के भीतर का कोई भी व्यक्ति बॉर्डर के पास संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा देगा या राष्ट्र विरोधी तत्वों को शह देने का काम करेगा, तो उसे न तो यह सरकार बख्शेगी और न ही देश का जनमानस उसे स्वीकार करेगा। चौधरी ने कहा, जो गलत करेगा, वही तो प्रशासन के टारगेट पर आएगा। जिसने कोई अतिक्रमण या गलत काम नहीं किया है, उसे डरने की कोई जरूरत नहीं है।
कैलाश चौधरी ने एक पुरानी घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय शिव विधानसभा (चौहटन क्षेत्र) की एक पीड़ित महिला उनके पास रोते हुए आई थी। उस महिला ने शिकायत की थी कि जिस जमीन पर उसके दादाजी और पिताजी के समय से यानी पिछले 40 वर्षों से उनका कब्जा था, उस पर अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ मुस्लिम लोगों ने जबरन नजर गड़ा दी। उन लोगों ने महिला के परिवार के साथ मारपीट की और उन्हें वहां से यह कहते हुए भगा दिया कि तुम्हारा यहां कुछ नहीं है, तुम कहीं और जाओ, तुम्हें हमारे बीच रहने का कोई अधिकार नहीं है।
Updated on:
21 Jun 2026 01:11 pm
Published on:
21 Jun 2026 01:10 pm
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