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बालोतरा के जहरकांड में बहू और उसके साथी को उम्रकैद, सेशन कोर्ट का अहम फैसला

Balotra Poisoning case verdict : वर्ष 2020 के बहुचर्चित जहरकांड मामले में बालोतरा के सेशन न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्ता रुक्साना और सह-अभियुक्त शाहरुख खान को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी ठहराया।
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Balotra poisoning case verdict

बहुचर्चित जहरकांड मामले में बहू और उसके साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। फोटो पत्रिका नेटवर्क

Balotra poisoning case verdict : बालोतरा। वर्ष 2020 के बहुचर्चित जहरकांड मामले में बालोतरा के सेशन न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्ता रुक्साना और सह-अभियुक्त शाहरुख खान को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी ठहराया। सेशन न्यायाधीश एम.आर. सुधर (आरजेएस) ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 तथा धारा 120-बी के तहत आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने आदेश दिया कि दोनों की सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा विचारण के दौरान न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि का समायोजन नियमानुसार किया जाएगा। यह फैसला करीब छह वर्ष पुराने इस बहुचर्चित प्रकरण का न्यायिक पटाक्षेप माना जा रहा है।

चाय में नींद की गोलियां मिलाकर दिया था वारदात को अंजाम

अभियोजन के अनुसार 28 जून 2020 की रात परिवार के सदस्यों को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गई थीं। इस घटना में हसीना बानो की मृत्यु हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने गवाहों, दस्तावेजी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्थापित किया कि रुक्साना ने शाहरुख खान के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा और चाय में नींद की गोलियां मिलाकर वारदात को अंजाम दिया।

हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप सिद्ध

फैसले में न्यायालय ने कहा कि अभियोजन हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप सिद्ध करने में सफल रहा। हालांकि भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 (हत्या के प्रयास) के आरोप प्रमाणित नहीं होने पर दोनों अभियुक्तों को उस आरोप से बरी कर दिया गया। मामले में परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता उमरदीन मेहर ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक नेमाराम चौधरी ने पक्ष रखा। न्यायालय के इस फैसले के साथ बालोतरा के चर्चित जहरकांड मामले का लंबा न्यायिक सफर महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंच गया।