
बाड़मेर के गडरारोड में बारिश के बाद बदला कुदरत का रूप (पत्रिका फोटो)
-भीखभारती गोस्वामी
Rajasthan Barmer Rain News: गडरारोड (बाड़मेर): पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में हाल ही में हुई बारिश के बाद प्रकृति का अनोखा और विहंगम रूप देखने को मिला है।
बाड़मेर जिले के पश्चिमी सीमांत क्षेत्र गडरारोड के 'करीम का पार' गांव में रेतीले धोरों के बीच पानी भर जाने से ऐसा अद्भुत नजारा बन गया है, मानो विशाल मरुस्थल के बीचों-बीच अचानक कोई समुद्र ही उतर आया हो।
बता दें कि चारों तरफ फैले विशाल रेत के टीलों के बीच पानी की यह चमकती हुई सतह इस समय स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
देश के अंतिम छोर पर बसे गडरारोड क्षेत्र को कभी बेहद उजाड़ और वीरान रेतीले धोरों के रूप में जाना जाता था। कुछ ही दिनों पहले तक यहां बारिश न होने के कारण अकाल की आहट सुनाई देने लगी थी, जिससे ग्रामीणों ने लगभग अपनी उम्मीदें ही छोड़ दी थीं।
लेकिन "भगवान के घर देर है अंधेर नहीं" की कहावत यहां चरितार्थ हुई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही इस मेहरबान बारिश ने ग्रामीणों और किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है।
जिस इलाके में लोग कभी दूर-दूर तक पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते थे, वहां अब विशाल धोरों के बीच समुद्र जैसा अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। रेगिस्तान में पानी की यह मौजूदगी लोगों के दिलों को बेहद सुकून पहुंचा रही है। बारिश के साथ ही आसपास के किसानों की मानों मन की मुराद पूरी हो गई है। गांवों में अब खेती-किसानी की चहल-पहल तेजी से बढ़ गई है और बुवाई का काम जोरों पर चल रहा है।
प्रकृति के इस नित नए रंग ने पूरे मरुस्थल की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। धोरों के बीच बने इस विशाल दरियानुमा दृश्य का आनंद लेने के लिए लोग खिंचे चले आ रहे हैं। हर कोई प्रकृति के इस अप्रतिम और दुर्लभ नजारे को अपने कैमरे में हमेशा के लिए कैद कर लेना चाहता है।
Updated on:
02 Aug 2026 09:41 am
Published on:
02 Aug 2026 09:37 am
