
मोर्चरी के बाहर खड़े मृतकों के परिजन (पत्रिका फोटो)
Balotra News: राजस्थान के बालोतरा/पचपदरा थाना क्षेत्र के दुधवा गांव में मंगलवार तड़के एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई, जिसने हर किसी की आत्मा को झकझोर कर रख दिया। एक हंसता-खेलता परिवार, जिसमें दो मासूम बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, अचानक हमेशा-हमेशा के लिए खामोश हो गया।
बता दें कि शादी के महज चार साल बाद एक विवाहिता ने अपने दो मासूम बेटों के साथ घर के पास बने पानी के टांके में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस दर्दनाक हादसे में महिला और उसके दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद खबर के सामने आते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना सोमवार रात करीब तीन बजे की बताई जा रही है। रात के उस गहरे अंधेरे और सन्नाटे में मूली देवी (पत्नी हनुमाना राम प्रजापत) अपने दोनों मासूम बेटों को साथ लेकर चुपचाप घर से बाहर निकली। बड़ा बेटा रवींद्र, जिसकी उम्र महज ढाई साल थी, और छोटा बेटा नारायण, जिसने अभी दुनिया में सिर्फ दो महीने ही देखे थे।
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जब परिजनों की आंख खुली और उन्होंने मूली देवी तथा दोनों बच्चों को घर में नहीं देखा, तो उनके हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में उनकी तलाश शुरू की गई। पूरे घर और आसपास ढूंढने के दौरान परिजनों की नजर घर के पास ही स्थित पानी के टांके के पास पड़ी, जहां महिला की चप्पलें रखी हुई थीं।
पानी के टांके के बाहर चप्पलें देखते ही परिजनों और ग्रामीणों के मन में किसी अनहोनी का खौफ घर कर गया। तुरंत ग्रामीणों और पचपदरा थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंची।
इसके बाद स्थानीय तैराकों को टांके में उतारा गया। तैराकों ने जब पानी के अंदर तलाश शुरू की, तो वह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर इंसान का दिल पसीज गया। टांके में से मूली देवी, उसके ढाई साल के बेटे रवींद्र और महज 2 महीने के मासूम नारायण के शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से तीनों शवों को बाहर निकलवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए बालोतरा के राजकीय नाहटा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, खोखसर निवासी निंबाराम प्रजापत की पुत्री मूली देवी का विवाह करीब चार वर्ष पूर्व दुधवा निवासी हनुमाना राम प्रजापत के साथ हुआ था। यह शादी समाज की पारंपरिक 'आटे-साटे' प्रथा के तहत हुई थी, जिसमें मूली देवी के परिवार ने अपने पुत्र का विवाह भी इसी परिवार में तय किया था।
हनुमाना राम का परिवार मजदूरी करके अपने जीवन-यापन का गुजारा करता था। चार साल की शादीशुदा जिंदगी में दो नन्हे बेटों का जन्म हुआ था। लेकिन किसी को क्या मालूम था कि चार साल में बसा यह छोटा सा संसार इतनी बेरहमी से उजड़ जाएगा। मूली देवी और उसके दोनों जिगर के टुकड़ों की एक साथ हुई मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ा टूट पड़ा है।
घटना के बाद पुलिस हर पहलू से गहराई से जांच कर रही है। पचपदरा थाना के सीआई बाबूलाल डीएयू ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची थी। तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
प्रारंभिक स्तर पर इस आत्मघाती कदम की वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। सीआई के अनुसार, फिलहाल पीहर पक्ष की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
29 Jul 2026 10:03 am
Published on:
29 Jul 2026 10:03 am
