
संगरिया एडीजे कोर्ट से आरोपियों को हनुमानगढ़ जेल लेकर जाती पुलिस
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया क्षेत्र के बहुचर्चित ढाई साल पुराने संदीप सिंह हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। न्यायाधीश मोहम्मद आसिफ अंसारी की अदालत ने जंडवाला सिखान के पूर्व सरपंच सहित तीन मुख्य आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) कर दिया।
अदालत के इस फैसले से लंबे समय से लंबित इस गंभीर आपराधिक मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हुआ है। फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट परिसर में भारी संख्या में ग्रामीण और पुलिस बल तैनात रहा।
अदालत ने आरोपी पूर्व सरपंच जसकरण सिंह (निवासी जंडवाला सिखान), जितेन्द्र सिंह उर्फ काका और हिम्मत सिंह (निवासी चक 1 एएमपी रोही संतपुरा) को दोषी माना। तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
अर्थदंड: प्रत्येक दोषी पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पीड़ित परिवार को प्रतिकर: वसूले गए कुल जुर्माने में से 4 लाख रुपये मृतक संदीप सिंह के कानूनी वारिसों को मुआवजे (प्रतिकर) के रूप में दिए जाएंगे।
वहीं, मुकदमे में नामजद आरोपी जगदीप सिंह (निवासी नुकेरा) और गुरशोक सिंह (निवासी जंडवाला सिखान) के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से अदालत के सामने रखा। सुनवाई के दौरान 37 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए गए। अदालत के समक्ष 193 दस्तावेजी साक्ष्य और 12 भौतिक वस्तुएं (Article) साक्ष्य के रूप में पेश की गईं।
राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक कैलाश कुमार सिबल, जबकि परिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट पूर्ण सिंह जटाना एवं देवेंद्र सिंह तंवर ने मजबूत पैरवी की।
मामला 8 फरवरी 2024 का है। जंडवाला सिखान निवासी कुलदीप सिंह ने 9 फरवरी 2024 को संगरिया पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, 8 फरवरी को उसके भाई संदीप सिंह और उसके साथी सोमा सिंह पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया था। मारपीट में गंभीर चोटें आने के कारण इलाज के दौरान संदीप सिंह की मौत हो गई थी, जबकि सोमा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
फैसले के समय कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शाम करीब पौने सात बजे वारंट जारी होने के बाद थाना प्रभारी अमर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच हनुमानगढ़ जिला जेल ले गया। पूर्व सरपंच से मिलने के लिए उनके परिजनों और समर्थकों का कोर्ट परिसर के बाहर जमावड़ा लगा रहा।
Updated on:
04 Aug 2026 11:12 am
Published on:
04 Aug 2026 11:12 am
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