6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan News : चर्चित संदीप सिंह हत्याकांड में पूर्व सरपंच समेत 3 दोषियों को आजीवन कारावास, 37 गवाह और 193 दस्तावेज बने आधार  

Sangaria Sandeep Murder Case Verdict: संगरिया के बहुचर्चित संदीप हत्याकांड में बड़ा फैसला! एडीजे कोर्ट ने पूर्व सरपंच जसकरण सिंह समेत 3 आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा, पीड़ित परिवार को 4 लाख का मुआवजा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Nakul Devarshi

•

Updated: 4 Aug 2026, 11:12 AM IST

Sangaria ADJ Court Sandeep Murder Case Verdict Ex Sarpanch Lifetime Imprisonment 2026

संगरिया एडीजे कोर्ट से आरोपियों को हनुमानगढ़ जेल लेकर जाती पुलिस

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया क्षेत्र के बहुचर्चित ढाई साल पुराने संदीप सिंह हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। न्यायाधीश मोहम्मद आसिफ अंसारी की अदालत ने जंडवाला सिखान के पूर्व सरपंच सहित तीन मुख्य आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) कर दिया।

अदालत के इस फैसले से लंबे समय से लंबित इस गंभीर आपराधिक मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हुआ है। फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट परिसर में भारी संख्या में ग्रामीण और पुलिस बल तैनात रहा।

दोषियों को सजा और जुर्माना

अदालत ने आरोपी पूर्व सरपंच जसकरण सिंह (निवासी जंडवाला सिखान), जितेन्द्र सिंह उर्फ काका और हिम्मत सिंह (निवासी चक 1 एएमपी रोही संतपुरा) को दोषी माना। तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

अर्थदंड: प्रत्येक दोषी पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

पीड़ित परिवार को प्रतिकर: वसूले गए कुल जुर्माने में से 4 लाख रुपये मृतक संदीप सिंह के कानूनी वारिसों को मुआवजे (प्रतिकर) के रूप में दिए जाएंगे।

वहीं, मुकदमे में नामजद आरोपी जगदीप सिंह (निवासी नुकेरा) और गुरशोक सिंह (निवासी जंडवाला सिखान) के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।

37 गवाहों और 193 दस्तावेजों ने तय की सजा

अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से अदालत के सामने रखा। सुनवाई के दौरान 37 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए गए। अदालत के समक्ष 193 दस्तावेजी साक्ष्य और 12 भौतिक वस्तुएं (Article) साक्ष्य के रूप में पेश की गईं।

राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक कैलाश कुमार सिबल, जबकि परिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट पूर्ण सिंह जटाना एवं देवेंद्र सिंह तंवर ने मजबूत पैरवी की।

क्या था पूरा मामला?

मामला 8 फरवरी 2024 का है। जंडवाला सिखान निवासी कुलदीप सिंह ने 9 फरवरी 2024 को संगरिया पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, 8 फरवरी को उसके भाई संदीप सिंह और उसके साथी सोमा सिंह पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया था। मारपीट में गंभीर चोटें आने के कारण इलाज के दौरान संदीप सिंह की मौत हो गई थी, जबकि सोमा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

हनुमानगढ़ जेल भेजे गए दोषी

फैसले के समय कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शाम करीब पौने सात बजे वारंट जारी होने के बाद थाना प्रभारी अमर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच हनुमानगढ़ जिला जेल ले गया। पूर्व सरपंच से मिलने के लिए उनके परिजनों और समर्थकों का कोर्ट परिसर के बाहर जमावड़ा लगा रहा।