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राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव, किसान मोर्चे की टीम में भारी फेरबदल, 132 नेताओं की जंबो लिस्ट जारी

Rajasthan BJP Kisan Morcha Executive List: : राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले भाजपा किसान मोर्चा ने प्रदेश कार्यसमिति की जंबो सूची जारी की! अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने मदन राठौड़ के निर्देश पर घोषित की 100 से अधिक पदाधिकारियों की टीम।
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Rajasthan BJP Kisan Morcha Executive Committee List Kailash Choudhary Panchayat Polls 2026

Rajasthan BJP Kisan Morcha New Executive Committee announced

राजस्थान में आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसान मोर्चा ने संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में ला खड़ा किया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशों के तहत भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी ने प्रदेश कार्यसमिति और पदाधिकारियों की बहुप्रतीक्षित जंबो सूची की आधिकारिक घोषणा कर दी है। किसानों के मुद्दों, प्राकृतिक खेती, एफपीओ (FPO), खाद्य प्रसंस्करण और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए संगठन ने राज्य के विभिन्न जिलों और अंचलों से नए व अनुभवी कार्यकर्ताओं को एक साथ जोड़कर बड़ी टीम तैयार की है।

24 मुख्य पदाधिकारी, 8 उपाध्यक्ष और 3 महामंत्री

जारी की गई सूची के अनुसार, पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को साधते हुए 24 प्रमुख प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति की है।

8 प्रदेश उपाध्यक्ष: आत्माराम तरड़ (श्रीगंगानगर), रैवंतसिंह राजपुरोहित (फलोदी), राजेन्द्र मीणा शेखपुरा (करौली), योगेन्द्र नन्दवाना (कोटा), भँवरसिंह पंवार (उदयपुर), मंशाराम परमार (पाली), प्रवीण यादव (अलवर) और रामाकिशन खीचड़ (नागौर)।

2 प्रदेश महामंत्री: बद्रीराम जाट (चित्तौड़गढ़) और श्रवणसिंह राव (जालोर) ।

7 प्रदेश मंत्री: राजेश गुर्जर (सीकर), श्यामसिंह राजावत (बारां), कैलाश कुमावत (जयपुर दक्षिण), अन्नूश्री पूनियां (जोधपुर), ओमप्रकाश बिजारणिया (सीकर), शक्तिरथ सिंह सिनसिनवार (भरतपुर), बंशीलाल कटारा (डूंगरपुर)।

कोषाध्यक्ष व सह-कोषाध्यक्ष: प्रेमसिंह बनवासा (जयपुर) को प्रदेश कोषाध्यक्ष और सूरज सोनी (झुंझुनू) को प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष की कमान दी गई है।

प्रवक्ता टीम: रमा चोपड़ा (जयपुर), चिराग चौधरी (अजमेर), कैलाश जटवाड़ा (जयपुर शहर), जितेन्द्र सिंह राजवी (बीकानेर), बृजेश लाटा (जयपुर दक्षिण), जयवीर पोसवाल (धौलपुर), सतीश गजराज (झुंझुनू), विशाल पार्थ (झालावाड़) और सुशील जोशी (हनुमानगढ़) को प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया है।

आईटी/सोशल मीडिया विंग को कमान

तकनीकी और नीतिगत मोर्चे पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए कई विशेष विभागों के संयोजकों और प्रभारियों की घोषणा की गई है।

कार्यालय मंत्री: धर्मेन्द्र कुन्तल (भरतपुर) एवं सह-मंत्री गौरी कुमावत (जयपुर दक्षिण)।

IT व सोशल मीडिया विंग: आईटी संयोजक गणपतसिंह देवड़ा (सिरोही) बनाए गए हैं। लोहित प्रताप सिंह चौहान व मनोज कुमार टांक को सोशल मीडिया सह-संयोजक का जिम्मा सौंपा गया है। कर्णसिंह यादव (जयपुर) को प्रदेश मीडिया संयोजक बनाया गया है।

नीति एवं शोध टीम: दलीचन्द डांगी (उदयपुर) को नीति एवं शोध प्रभारी नियुक्त किया गया है।

'मन की बात' कार्यक्रम: सत्येन्द्र त्यागी (धौलपुर) को 'मन की बात' प्रदेश प्रभारी और मोनिका दुबे व मनोज मदन सैनी को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।

प्राकृतिक खेती, FPO और पशुपालक मित्रों पर विशेष ध्यान

किसानों के कल्याण और केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए किसान मोर्चा ने विशिष्ट विभागों का गठन किया है:

प्राकृतिक खेती: बीकानेर की लकेश चौधरी को प्राकृतिक खेती संयोजक तथा मोतीसिंह रावत (राजसमंद), डॉ. योगेश कुमार शास्त्री (दौसा) और रणवीर सिंह भादू (बाड़मेर) को सह-संयोजक बनाया गया है।

FPO व खाद्य प्रसंस्करण: ईश भारद्वाज (अलवर) को FPO संयोजक और देवेन्द्र दत्त (अलवर) को खाद्य प्रसंस्करण संयोजक बनाया गया है।

पशुपालक मित्र: विक्रमसिंह गुर्जर (सवाई माधोपुर) को पशुपालक मित्र का संयोजक बनाया गया है।

विशेष आमंत्रित और 68 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य घोषित

मुख्य पदाधिकारियों के अलावा पार्टी ने 5 विशेष आमंत्रित सदस्यों को शामिल किया है, जिनमें हरिराम रणवा (सीकर), ओम प्रकाश यादव (अलवर), पृथ्वीराज चौहान (जयपुर दक्षिण), खीमाराम चौधरी (पाली) और ज्योति प्रकाश सोनी (भीलवाड़ा) शामिल हैं।

इसके साथ ही प्रदेश भर से 68 निष्ठावान नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है, जो आगामी पंचायत चुनावों में गांव और बूथ स्तर पर मोर्चा संभालेंगे।

पंचायत चुनाव की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी कार्यकारिणी घोषित करने का सीधा उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में किसान मतदाताओं तक पहुंच बनाना है। चूंकि राजस्थान में पंचायत चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में कृषि, पशुपालन और स्थानीय ग्रामीण मुद्दों को सीधे उठाकर भाजपा अपने वोट बैंक को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।