बाड़मेर

उच्च शिक्षा मंत्री से की सामूहिक नकल प्रकरण जांच करवाने की मांग

-छात्र प्रतिनिधि मंडल ने की मुलाकात, कहा- विश्वविद्यालय ने की एक तरफा कार्रवाई, छात्रों का भविष्य हो रहा बर्बाद

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छात्रों ने जयपुर में उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर उन्हें महाविद्यालय समस्याओं से अवगत करवाया।

बालोतरा.
शहर के छात्रों ने बुधवार को जयपुर में उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर उन्हें महाविद्यालय समस्याओं से अवगत करवाया।

राजस्व राज्य मंत्री अमराराम चौधरी व बायतु विधायक कैलाश चौधरी के नेतृत्व में छात्रनेता दुर्गसिंह राजपुरोहित, सचिन गहलोत , ललित परमार, रामचन्द्र सैन, राहुल, विक्रम प्रजापत, त्रिलोक, संतोष सुंदेशा, महावीर आदि ने उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी से मुलाकात की। उन्हें बताया कि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर ने सामूहिक नकल प्रकरण में परीक्षार्थी छात्रों का पक्ष नहीं सुना। विश्वविद्यालय प्रशासन पर एक तरफा कार्रवाई करते हुए परीक्षा परिणाम निरस्त करने का आरोप लगाया। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि इससे चार हजार छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। विश्वविद्यालय के इस फैसले से हजारों छात्रों का एक वर्ष का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, जबकि उन्होंने नकल नहीं की है। इसकी सही जांच करवाकर न्याय दिलाएंं। मंत्री अमराराम चौधरी व बायतु विधायक कैलाश चौधरी ने प्रकरण की सही जांच कर छात्रों के साथ न्याय करने की मांग की। छात्रों ने महाविद्यालयों में व्याख्यातों के रिक्त पद भरने, विद्यालयों को पीपी मॉडल पर नहीं देने की मांग की। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री ने उचित कार्रवाईका आश्वासन दिया। छात्रों ने इसके बाद शिक्षा मंत्री वासुदेव देवयानी से मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाकर न्याय दिलाने की मांग की। छात्रों ने शिक्षकों के रिक्त पद भरने, विद्यालयों को पीपीपी मॉडल पर नहीं देने की मांग की। इस अवसर पर भाजयुमो प्रदेश मंत्री खेताराम प्रजापत, बालोतरा कृषि उपज मंडी समिति पूर्व अध्यक्ष पारसमल भंडारी, भाजपा युवा नेता गोविंदसिंह कालूड़ी मौजूद थे।

यह है मामला- जयनारायण विश्वविद्यालय जोधपुर से जुड़े राजकीय कॉलेज बालोतरा के सैकड़ों विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम पिछले शिक्षा सत्र में इस आधार पर रोक दिया गया कि यहां सामूहिक नकल की गई है। इसकी जांच पिछले छह माह से विश्वविद्यालय प्रशासन कर रहा था। अब उसने माना कि सामूहिक नकल हुई थी, इस आधाार परिणाम निरस्त कर दिया गया। एेसे में इन छात्रों का एक साल बर्बाद हो रहा है। वहीं, अब दुबारा आवेदन कर वापस परीक्षा देनी होगी। परीक्षार्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने एक तरफा कार्रवाई की है।

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Published on:
21 Dec 2017 05:52 pm
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