-स्कूल के टांके के बाहर मिली किशोर की चप्पलें और शर्ट
धोरीमन्ना (बाड़मेर).जांको राखे साइंया... की कहावत धोरीमन्ना के खत्रियों की बेरी स्कूल के एक किशोर पर बुधवार को खरी उतर गई। मंगलवार शाम करीब सात बजे एक किशोर पानी से भरे टांके में कूद गया और जान पर बन आई तो पानी के पाइप को पकड़कर कुछ ऊपर आ गया। दस फीट के करीब भरे पानी के टांके में रातभर लटकता रहा। सुबह करीब 7.30 बजे उसे निकाला गया। गांव के ही शिक्षक देवीलाल दर्जी ने उसकी जान बचाई।
शिक्षक की जुबानी सारी कहानी...
बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे खत्रियों की बेरी उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास की एक दुकान पर मैं खड़ा था। तभी किसी के चिल्लाने की स्कूल की ओर से आवाज आई। चौंक गया कि रात को कोई विद्यार्थी स्कूल के कमरे में बंद तो नहीं रह गया। भागकर स्कूल की तरफ गया। कमरे देखे लेकिन कोई आवाज नहीं आई। मैने वापस आवाज लगाई तो टांके की तरफ से प्रत्युत्तर आया। भागकर वहां गया तो एक किशोर मोटर के पाइप से लटक रहा था।
पूछा कौन है तो जवाब दे दिया कि पास की ढाणी का हूं और रात से यहां हूं। तुरंत भागते हुए उसके घर गया और पिता को बताया कि लड़का वहां टांके में है। पूरा परिवार बदहवास भागा। रस्सा लेकर आए और युवक को तुरंत ही बाहर निकाला। रातभर पानी में रहने से शरीर फूल गया था। यहां से अस्पताल ले गए और जांच करवाई। युवक जिंदा बच गया।
चप्पल-शर्ट उतारकर कूदा था-
टांके के बाहर उसके चप्पल उतरे हुए थे और शर्ट भी पड़ा था। इससे लगा कि यह जानबूझकर टांके में कूदा था, बाद में पछतावा कर रहा था। किशोर यहां मजदूरी करता है। उम्र 17 साल के करीब है।
परिवार ने जताया आभार-
रातभर पानी में रहने के बावजूद भी किशोर के जिंदा रहने और तत्परता दिखाते हुए शिक्षक की ओर से जान बचाने के प्रयास पर परिजन उन्हें दुआएं दे रहे थे।