बाड़मेर

बैठक में उठाए मुद्दों पर नहीं होती सुनवाई, जनप्रतिनिधियों ने जताया आक्रोश

- जिला परिषद की पिछली बैठक में उठाए मुद्दों का नहीं हुआ समाधान

3 min read
Sep 30, 2021
district council meeting

बाड़मेर।
जिला परिषद की बैठकों में उठने वाले मुद्दों व अपनी उपेक्षा से आहत जनप्रतिनिधि बुधवार को जिला परिषद की साधारण सभा में आक्रोश व्यक्त किया। पिछले बैठक में उठाए अंधिकाश मुद्दों पर न कोई कार्रवाई हुई और ना ही समाधान के लिए प्रयास किए गए। जनप्रतिनिधियों का आरोप था कि आठ माह पहले हुई बैठक पर अधिकारी कोई सकारात्मक प्रयास नहीं कर पाए है, तो फिर बैठक का कोई औचित्य नहीं है।


जिला परिषद सदस्य रुपसिंह ने कहा कि सड़कों पर रेन कट हो गए है, लेकिन विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है। यह मुद्दा गत बैठक में उठाया था, लेकिन अभी तक विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने कहा कि बजट की उपलब्धता होने पर प्राथमिकता से करवाई जाएगी, इस पर रुपसिंह भड़क गए और कहा कि कब तक बजट मिलेगा, इसके आपने अब तक क्या प्रयास किए? इस दौरान जिला प्रमुख ने अधिकारी को लताड़ लगाते हुए कहा कि आप गोलमोल जबाव नहीं दें।


जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक जिला प्रमुख महेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दौरान बिजली, चिकित्सा, मनरेगा, सड़क, वन विभाग सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में जिले भर में हो रही आत्महत्या की रोकथाम के लिए टांकों की डिजाइन परिवर्तन करने का मुद्दा उठाया। जिसमें कहा कि टांका निर्माण में चिढिय़ा या सांकळ लगाई जाए। बैठक में विधायक हेमाराम चौधरी, अमीन खान, मेवाराम जैन, पदमाराम मेघवाल, हमीर सिंह भायल भी मौजूद रहे।


सड़क नहीं बच्चे परेशान
खेराजराम ने कहा कि रिफाइनरी की पैरीफैरी क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण विभग ने सड़कों का निर्माण करवाया है। यहां सांभरा ग्राम पंचायत व स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। इस पर विभाग का कहना था कि जमीन कम मिल रही है, सड़क कैसे निर्माण करें।


अवैध कनेक्शन बढ़ गए, पानी नहीं मिल रहा
ममता प्रजापत ने कहा कि क्षेत्र में अवैध कनेक्शन बढ़ गए, लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि अवैध कनेक्शन हटने पर ही समाधान होगा। विधायक अमीन खान ने कहा कि अवैध कनेक्शन के मामलों में जनप्रतिनिधि किसी अपने कार्यकर्ता की सिफारिश नहीं करें, तो समाधान हो सकता है।


डीएनपी कर रही दादागिरी
अमीन खान ने कहा कि भारतमाला प्रोजेक्ट का शानदार निर्माण हुआ है, लेकिन सुंदरा से म्याजलार तक करीब 35 किमी सड़क को डीएनपी ने रुकवा दिया है, यह उनकी दादागिरी है। कलक्टर आप इस मामले का समाधान करवाएं। साथ ही बॉर्डर क्षेत्र की डामर सड़कों की हालत ग्रेवल की तरह हो गई है।


गरीमा व विधायक हुए आमने-सामने
जिला परिषद सदस्य गरीमा राजपुरोहित ने सिवाना क्षेत्र की एक सड़क का मामला उठाया। जिसमें कहा कि यह सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। सड़क को लेकर विधायक हमीरसिंह व गरीमा के बीच बहस हो गई। जिला परिषद सदस्य ने कहा कि सुंदरा व रोहिड़ी में जीएसएस का निर्माण हुआ था, लेकिन वहां पर चारदिवारी का निर्माण नहीं किया गया है। साथ ही विद्युत सप्लाई भी समय पर नहीं मिल रही है।


ग्राम पंचायत का भुगतान रोक दिया?
जिला परिषद सदस्य रुपसिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतो का भुगतान पंचायत समिति ने रोक दिया है। अब कैसे ग्राम पंचायत विकास कार्य करवाए। इस पर विधायक पदमाराम ने कहा कि पहले आप टेण्डर करो। इस पर दोनों भिड़ गए। रुपसिंह ने कहा कि आपको तो पता ही नहीं है, आपको इस तरह बोलना शौभा नहीं देता है। आप एलएलए हो, इस तरह अधिकारियों को डराओ मत। और आप बीच में इंटरफेर मत करो। इस पर विधायक अमीन खान ने कहा कि यह एमएलए है, इंटरफेर तो करेंगे। आप ऐसे कैसे बोल रहे हो। काफी बहस हुई।


विधायक हेमाराम चौधरी नें मनरेगा योजना में निविदा प्रक्रिया में सुधार करने को कहा तथा तकनीकी रूप से सक्षम संवेदको एवं फर्मो को ही योग्यता निर्धारण में शामिल करने को कहा। साथ ही संवेदक की पात्रता निर्धारित करने की बात कही। उन्होनें कहा कि पंचायत स्तर पर सक्षम फर्म निविदा प्रक्रिया में शामिल हो। विधायक पदमाराम मेघवाल ने जिला परिषद के सदन के समय का समुचित उपयोग किया जाए एवं कम से कम समय में अधिक से अधिक जनहित के मुद्दे उठाया जाए ताकि संबंधित विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाकर उनका हल निकाला जा सके। जिला कलक्टर लोक बन्धु एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रारम्भ में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू ने गत बैठक की कार्यवाही का विवरण एवं एक्शन टेकन रिपोर्ट सदन के पटल पर रखा।

Published on:
30 Sept 2021 08:20 pm
Also Read
View All