बाड़मेर

गांवों में विद्युतीकरण अब भी सपना,चिमनी की रोशनी में भविष्य का ‘उजियारा’,जानिए पूरी खबर

- सीमावर्ती जिले में कई गांव-ढाणियां आज भी बिजली से महरूम- परीक्षाओं के दौर में ग्रामीण अंचल के बच्चे हो रहे परेशान
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Updated: 23 Mar 2018, 9:50 AM IST
Electrification,villages of Border district, still dream
Electrification in villages of Border district still dream

बाड़मेर. जिले की कई गांव-ढाणियों में विद्युतीकरण का सपना आजादी के 7 दशक बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। आज भी जिले के 25 फीसदी घर बिजली से वंचित हैं। इसी कारण परीक्षाएं दे रहे बच्चे रात में चिमनी, लालटेन, दीपक आदि की रोशनी में पढऩे को मजबूर हैं। कई जगह डिस्कॉम की लापरवाही व अव्यवस्था से भी इन बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

बाड़मेर जिले में विद्युतीकरण के सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां 25 फीसदी घर आज भी बिजली कनेक्शन से महरूम हैं। जिले में करीब 4 लाख मकान हैं, जिसमें से 2 लाख 79 हजार 284 घरों में बिजली के कनेक्शन हैं। ऐसे में बिजली कनेक्शन से वंचित करीब 1.30 लाख परिवारों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। हालांकि सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना शुरू कर सभी गांव-ढाणियों में बिजली कनेक्शन देने की कवायद की है, लेकिन सुदूर मरुस्थल में विषम भौगोलिक स्थिति के कारण सभी घरों में बिजली कनेक्शन की यह योजना साकार होती नहीं दिख रही।

यह परेशानी उठाते हैं लोग
सूर्यास्त होते ही सन्नाटा

जिन घरों में बिजली के कनेक्शन नहीं है वहां सूर्यास्त से पहले ही करीब-करीब घर के सारे काम कर लिए जाते हैं। भोजन बनाकर लोग खा लेते हैं। सूर्यास्त के कुछ समय बाद ही लोग सो जाते हैं। यदि किसी का कोई काम बच गया है तो चिमनी और लालटेन की रोशनी में ही करते हैं।
विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई बनी चुनौती

बिजली के बिना बच्चों के लिए पढऩा चुनौती बना हुआ है। इन दिनों 8वीं, 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में बच्चे जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। वे देर रात 11-12 बजे तक चिमनी और लालटेन की रोशनी में पढ़ रहे हैं, ताकि पेपर अच्छा कर सकें।

पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना पर एक नजर
1.16 लाख कनेक्शन का लक्ष्य

डिस्कॉम की ओर से गांव-ढाणियों में विद्युतीकरण के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना शुरू की गई है। इसके तहत बाड़मेर जिले में 1 लाख 16 हजार 456 कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है। जिले में इसके काम शुरू होने में ही 2 साल से ज्यादा का समय लग गया। यहां अक्टूबर 2017 में सिणधरी ब्लॉक से काम शुरू हुआ।

जिम्मेदार बोले- सभी कनेक्शन कर देंगे
गांवों में विद्युतीकरण के काम ने अभी रफ्तार पकड़ी है। मार्च में ही हम 10 हजार बिजली के कनेक्शन कर देंगे। सितंबर तक लक्ष्य के अनुरूप कनेक्शन कर दिए जाएंगे।

मांगीलाल जाट, अधीक्षण अभियंता, डिस्कॉम बाड़मेर

फैक्ट फाइल--

489 ग्राम पंचायतें हैं बाड़मेर जिले में04 लाख के करीब घर हैं जिलेभर में2.79 लाख घरों में हैं बिजली कनेक्शन 25 फीसदी घर आज भी बिजली से वंचित1.16 लाख घरों में कनेक्शन के लिए चल रही योजना

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