अभ्यर्थियों की परीक्षा, अभिभावकों के सब्र का इम्तिहान

जब तक घर नहीं पहुंचे, तब तक परीक्षार्थियों के परिजन रहे चिंतित

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Jul 23, 2017

कोर्ट की रविवार को आयोजित कनिष्ठ लिपिक परीक्षा अभिभावकों व अभ्यर्थियों के लिए इम्तिहान बन कर आई।

जिले से बाहर परीक्षा केन्द्र और बारिश का दौर होने से दोनों की संासें अटकी रही। इस दौरान रेवदर के पास रास्ता खराब होने की जानकारी पर कईयों को चिंता बढ़ गई।

परिजन बार-बार फोन कर जानकारी ले रहे थे तो अभ्यर्थी भी आगे की स्थिति की सूचना प्राप्त कर रहे थे। यह स्थिति जालोर, सिरोही के सैकड़ों परीक्षार्थियों की रही। वहीं जोधपुर, जैसलमेर मार्ग पर बारिश के बाद वाहनों की आवाजाही हैं या नहीं, यह भी पूछताछ का दौर चलता रहा।

जिले के सैकड़ों अभ्यर्थी खराब मौसम के बावजूद लिपिक परीक्षा देने शहर से बाहर जैसलमेर, जालोर, सिरोही, जोधपुर, पाली आदि जिलों में गए।

इधर जिले सहित संभाग में भारी बरसात की चेतावनी के साथ बारिश का दौर भी शुरू हो गया। इसके चलते परीक्षार्थियों से ज्यादा चिंता अभिभावकों को हो रही थी।

विशेषकर जालोर, सिरोही गए परीक्षार्थियों के परिजन ज्यादा परेशान थे। इन जिलों में तेज बारिश के साथ छोटे-मोटे नदी-नाले भी बहने लगे। एेसे में जैसे ही दोपहर दो बजे परीक्षा शुरू हुई तो परिजन चिंतित हो गए।

वे बच्चों के मोबाइल शुरू होते ही बार-बार बारिश होने पर छोटे वाहनों में नहीं आने, बसों में चालक को चलती नदी में गाड़ी नहीं डालने, ज्यादा बारिश होने पर कहीं रुकने की सलाह देते रहे।

इस दौरान पता चला कि रेवदर के पास नदी में पानी आने से मार्ग बंद हो गया है, तो चिंता ओर ज्यादा बढ़ गई। जिन परीक्षार्थियों के मोबाइल कवरेज क्षेत्र से बाहर हो गए। जैसे ही आधे-पौन घंटे बाद मोबाइल पर बात हुई तो चिंता खत्म हुई।

Published on:
23 Jul 2017 09:23 pm
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