बाड़मेर

किसान बारानी फलदार पौधे लगाएं

- देरासर में खरीफ किसान गोष्ठी का आयोजन

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किसान बारानी फलदार पौधे लगाएं

बाड़मेर. कृषि विज्ञान केन्द्र दांता बाड़मेर ने गुरुवार को देरासर में खरीफ किसान गोष्ठी का आयोजन किया।

ग्रामीणों ने भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार की खेती एवं पशुपालन से सम्बंधित विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने कहा कि जिले में अधिक बारानी खेती होती है इसलिए यहां पर बारानी फलदार पौधे लगाएं।

जिन किसानों ने देशी बेर के पौधों की कटाई छंटाई की है, वे जुलाई व अगस्त में बडिंग कर सकते हंै। गोला, सेव एवं थाईऐप्पल बेरका प्रयोग कर अधिक लाभ कमा सकते हैं। डॉ. कुमार ने कहा कि किसान को जल संरक्षण के लिए अपने घर का पानी घर में, खेत का पानी खेत में व गांव का पानी गांव में रहे,एेसा कार्य करना चाहिए। केन्द्र के पादप संरक्षण विशेषज्ञ एस.एल.कांटवा ने कहा कि किसानों को क्षेत्र के अनुसार बुवाई हेतु बीज का चुनाव इस प्रकार करना चाहिए जो रोग रोधी, कम समय में पकने वाली, सूखा सहन करने वाला,अधिक उत्पादन देने वाला हो। बाजरे की एमपीएमएच-17, एचएचबी -67, मोठ की आरएमओ- 435, आरएमओ- 251, मूंग की जीएम-4, जीएएम-5, शिखा, एसएमएल-668 व तिल की आरटी-127, आरटी-351, आरटी-346 (चेतक) आदि किस्मों की बुवाई करनी चाहिए।

पशुपालन विशेषज्ञ बी.एल.डांगी ने बताया कि खरीफ फसलों की बुवाई के साथ पशुओं के लिए हरे चारे के लिए बाजरा, ज्वार आदि की बुवाई करनी चाहिए।

Published on:
09 Jul 2021 12:57 am
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