बाड़मेर

महिला सरपंच ने बदली गांव की फिजा, पानी-सडक़ और स्कू  ल की मिली सुविधा

- दसवीं तक पढ़ी सरपंच ने किया गांव का कायाकल्प

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महिला सरपंच ने बदली गांव की फिजा, पानी-सडक़ और स्कू  ल की मिली सुविधा



पचपदरा/बाड़मेर. ये है बाड़मेर जिले के पाटोदी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सांभरा। वर्ष 2020 में सम्पन्न हुए पंचायतीराज चुनावों में निर्वाचित हुई महिला सरपंच लीला हुड्डा के प्रयासों ने मानो गांव की फिजां ही बदल डाली। प्रदेश की पहली रिफाइनरी का निर्माण भी सांभरा ग्राम पंचायत की जमीन में किया जा रहा है। यह वहीं सांभरा गांव है, जिसमें पहले बबूल की झाडिय़ों के सिवाय कुछ भी नहीं था। लोगों को पीने का पानी लाने के लिए कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। गांव के बच्चों को आठवीं और दसवीं कक्षा पास कर मजबूरन स्कूल छोडऩा पड़ता था। पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल में सरपंच लीला हुड्डा ने ग्राम पंचायत क्षेत्र के दो विद्यालयों को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत करवाया। इसके अलावा करीब छह किलोमीटर कलावा गांव से सांभरा तक पानी की लाइन बिछवा गांव में मीठे पानी की आपूर्ति शुरू करवाई। सरपंच ने खेल मैदान, श्मशान घाट के लिए 15 बीघा जमीन आवंटित करवाई।

पिछले दिनों सरपंच ने राजस्व विभाग को प्रस्ताव भिजवा सांभरा में पटवार मंडल भी शुरु करवा दिया। लीला हुड्डा ने सरपंच निर्वाचित होने के खंडहर हुए पंचायत कार्यालय का जीर्णोद्धार करवा कॉरपोरेट कार्यालय जैसा बना दिया। 10वीं कक्षा तक पढ़ी लिखी लीला हुड्डा खुद पंचायत के कामकाज संभालती है, हर सरकारी दस्तावेज को बारीकी से देख समझती भी है।

लीला हुड्डा बताती है, घर घर पानी के कनेक्शन करवाने का बड़ा सपना है, उसको पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

Published on:
01 Sept 2021 12:20 am
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