
बाड़मेर. उत्तर भारत में मनाया जाने करवा चौथ का पर्व थार की महिलाओं को भी भा गया है। पति की लम्बी आयु की कामना से जुड़ा करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं में अब खास महत्व रखता है।
थार की महिलाएं भी करवा चौथ का व्रत कई सालों से रखती आई हैं। इस दिन व्रत रखकर पति की लम्बी उम्र की कामना की जाती है। यह व्रत चंद दर्शन के बाद ही खोला जाता है। महिलाएं चांद के साथ ही पति के दर्शन की परम्परा को निभाने के बाद उनके हाथ से पानी पीकर व्रत पूर्ण करती हैं। कैसे मनाती है करवा चौथ, क्या रहता है इस दिन खास। इस पर पत्रिका ने की महिलाओं से बात...
पूरे दिन साथ रहते हैं
शादी के नौ साल हो गए हैं, हर वर्ष मैं करवा चौथ का व्रत रखती हूं। करवा चौथ को हम पूरे दिन साथ रहते हैं। बाहर घूमने जाते हैं। शाम को पूजन व चंद दर्शन के साथ पति के दर्शन करती हूं। बाद में व्रत खोलती हूं।
संध्या जांगिड़
पति है विदेश में
शादी को आठ साल हो गए हंै। पति पिछले आठ माह से विदेश में हैं। हर करवा चौथ पर व्रत रखती हूं। रात में चंद्र दर्शन के साथ मोबाइल पर वीडियो कॉल कर पति के दर्शन करूंगी। उसके बाद ही पानी पीकर व्रत पूर्ण करती हूं।
भावना दर्जी
पति रखते हैं ख्याल
शादी को तेरह साल हो गए हैं। हर साल करवा चौथ का व्रत रखती हूं। इस दिन पति के साथ रहना अच्छा लगता है। इस दिन पति भी कुछ ज्यादा ही ध्यान रखते हैं। रात में व्रत खोलने के बाद साथ में ही भोजन करते हंै।
आरती जांगिड़
15 साल से रखती हूं व्रत
शादी को पंद्रह साल हो गए हैं। तब से लगातार व्रत रखती हूं। पति बिजनेस करते हैं तो दिन में दुकान पर रहते हैं। करवा चौथ को दिन में फोन से काफी बार बात हो जाती है। इस दिन पति जल्दी घर आते हैं। व्रत पूर्ण करने के बाद साथ में भोजन करते हैं।
वीरता बांठिया