कस्बे के केवला नाड़ा से रमणीय रोड के झोला धोरा तक अज्ञात कारणों से लगी आग से अफरा-तफरी मच गई। खेतों की बाड़ से लगी आग गांव के अन्य किसानों के खेतों तक पहुंच गई। खेतों में रखी लकड़ियां और चारा जलकर राख हो गया। तेज हवा से आग पूरे जंगल में फैल गई।
मोकलसर पत्रिका. कस्बे के केवला नाड़ा से रमणीय रोड के झोला धोरा तक अज्ञात कारणों से लगी आग से अफरा-तफरी मच गई। खेतों की बाड़ से लगी आग गांव के अन्य किसानों के खेतों तक पहुंच गई। खेतों में रखी लकड़ियां और चारा जलकर राख हो गया। तेज हवा से आग पूरे जंगल में फैल गई। ग्रामीणों ने दमकलकर्मियों को सूचना दी। दोपहर दो बजे लगी आग करीब पांच किमी के दायरे तक फैल गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। बार-बार आग लगने के बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सब कुछ जलकर खाक होने के बाद दमकल आती है और राख पर पानी डाल कर चली जाती है।
- 5 किमी दायरे तक फैली आग से चारा व लकड़ियां जलकर खाक, समय पर नहीं पहुंची दमकल
अब भी आग के फिर फैलने की आशंका
ग्रामीणों ने स्वयं के स्तर पर ट्रेक्टर से सूखी घास के बीच खाली जगह रख खाई खोदी। उसके बाद आग वाली जगह पर रेत डाली। इस तरह पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अब भी आग के आगे बढ़ने की आशंका बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलने पर मोकलसर चौकी प्रभारी दुर्गाराम, मोकलसर पटवारी गणपतसिंह जाजवा, सुजाराम भोपा, खंगारा राम भाटी, सुरपाल सिंह, पूख राज भाटी, वार्ड पंच धुक सिंह, दला राम प्रजापत, प्रवीण वैष्णव, धनराज दर्जी, नारायण राम भाटी सहित ग्रामीणों ने आग बुझाने में मदद की।