-इंतजार की हो चुकी है हद, अधिकारियों को मिले नोटिस, लेकिन राशि का इंतजार
बाड़मेर. जिले के 304 परिवारों का आशियाना आग में जले हुए अर्सा बीत चुका है। लेकिन सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि का इंतजार लम्बा होता जा रहा है। जिम्मेदारों ने अपनी भूमिका नहीं निभाई तो चार्जशीट मिल चुकी है। फिर भी आग में जिनका आशियाना और पशु तक जल गए थे, उनका इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
पीडि़त यहां जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहे है। इसका अंत उन्हें भी नहीं दिख रहा है। अधिकारी बताते हैं जिले के सभी प्रकरण जयपुर भेजे जा चुके है। अब वहां से सहायता राशि जारी होगी। लेकिन यह कब होगी, इसका जवाब जिम्मेदारों के पास भी नहीं है। ऐसे में खुले आसमान तले और जीवन बीताने वालों के लिए पूरी बरसात का सीजन भी कैसे निकला होगा, यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते है। आशियाना उजडऩे के बाद उनको संस्थाओं आदि से सहयोग मिला, लेकिन फिर से अपना घर बनाने के उनके सपने सरकारी सहायता राशि मिलने के बाद ही पूरे हो सकते है।
62 लाख रुपए मिलने है
जिले के 304 अग्निपीडि़त परिवारों को करीब 62 लाख रुपए मिलने है। लेकिन यह राशि अभी उनके लिए दूर की कौड़ी ही नजर आ रही है। ये पीडि़त परिवार साल 2017 से लेकर 2022 अब तक के है। गत पांच सालों से केवल चक्कर ही मिले है, राशि तो दिखाई तक नहीं दी है। कुछ परिवार तो ऐसे भी है जो अब राशि मांगने ही नहीं आत है। जबकि उन्होंने जनसुनवाई में अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई। आश्वासन सब जगह से मिले। लेकिन कार्रवाई कहीं से नहीं हो पाई। गरीब और जरूरतमंद लोगों के हिस्से केवल पीड़ा ही आई है, पैसा मिले तो उनके जख्मों पर मरहम लग सकता है।