बाड़मेर

पादरिया के पानी का होगा इलाज

- वैकल्पिक तौर पर होगी टैंकरों से सप्लाई- गांव में स्वीकृत किए जाएंगे टांके - फ्लोराइड दूर करने के लिए आएंगे विशेषज्ञ - जलदाय विभाग को आरओ प्लांट व पेयजल योजना बनाने के निर्देश
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Jun 28, 2018
Fluoride will treat the water
Fluoride will treat the water

बाड़मेर . सीमावर्ती पादरिया गांव के अत्यंत फ्लोराइड व टीडीएस युक्त पानी का उपचार किया जाएगा। पानी में फ्लोराइड की मात्रा कम करने के साथ वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे। जिला कलक्टर शिव प्रसाद मदन नकाते ने पत्रिका को जानकारी दी कि पादरिया के पानी की समस्या को लेकर प्रशासन गंभीर है।

इसके लिए प्रमुख शासन सचिव जलदाय विभाग से चर्चा की गई। मुख्यालय से विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी। पानी में फ्लोराइड की मात्रा कम करने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक तौर पर यह सुनिश्चित किया गया है कि यहां टैंकर से नियमित पेयजल आपूर्ति होगी औैर बारिश होने तक मांग के अनुरूप तीन या चार टैंकर उपलब्ध करवाएंगे।

टांकों की स्वीकृति दी जाएगी

गांव में स्कूल या सार्वजनिक स्थान पर एक बड़ा टांका स्वीकृत किया जाएगा जिससे गांव के लोगों को एक बार पानी से भरकर दिया जाएगा। इसके अलावा जिन खेतों या सार्वजनिक स्थल पर टांके नहीं हैं वहां के लिए पटवारी से रिपोर्ट ली जाएगी। पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर बरसाती पानी को सहेजने के लिए गांव में टांकों की स्वीकृति भी की जाएगी।
जलदाय विभाग करेगा प्लान-

जलदाय विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पादरिया गांव में आर ओ प्लांट और सरकारी स्कीम से पानी आपूर्ति के लिए जो भी व्यवस्था हो सके इसका तुरंत प्लान बनाया जाए और योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा।

पत्रिका ने उठाया मुद्दा-

राजस्थान पत्रिका की ओर से अभियान दूर हो पादरिया का अभिशाप शीर्षक से प्रकाशित समाचार बाद यहां पहले चिकित्सा टीम भेजकर उपचार का इंतजाम किया गया। चालीस से अधिक लोगों की जांच होने के साथ ही इनके प्राथमिक उपचार का इंतजाम किया गया है।

साथ ही निर्देशित किया गया है कि रैफर योग्य लोगों को आगे भेजकर उनका उपचार करवाया जाए। गौरतलब है कि सीमावर्ती पादरिया गांव में चालीस से अधिक लोग फ्लोराइड की वजह से पीडि़त होकर अपाहिज हो गए हैं। वहां पानी का इंतजाम नहीं है।

Published on:
28 Jun 2018 11:58 am