शहर के गली-मोहल्लों से विसर्जन के लिए निकले श्रद्धालु-ढोल-ढमाकों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते चले
बाड़मेर. गणेश चतुर्थी से प्रारंभ हुए गणपति महोत्सव के आयोजन का गुरुवार को अनंत चतुदर्शी पर समापन हुआ। शहर में जगह-जगह पांडाल में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सुबह से शुरू हुआ विर्सजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान पुलिस ने व्यवस्थाएं संभाली।
बाड़मेर में गणपति की दस दिवसीय आराधना के बाद गुरुवार को विसर्जन के लिए तैयारी शुरू हो गई। मोहल्लों में श्रद्धालुओं ने सुबह से ट्रैक्टर और अन्य वाहनों की व्यवस्था करते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचाने की तैयारी की। इसके बाद मोहल्ले के लोगों और खासकर युवाओं और बच्चों ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते विसर्जन के लिए रवाना हुए। इस दौरान उड़ती गुलाल और गीतों की धूम रही।
रात 8.30 बजे तक चला विर्सजन
बाड़मेर शहर के जसदेर तालाब पर विर्सजन के लिए अस्थायी कुंड बनाया गया। यहां सुबह से लेकर रात 8.30 बजे श्रद्धालु प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचते रहे। सैकड़ों की संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी के आ...की गूंज पूरे शहर और जसदेर तालाब पर गूंजती रही।
इंद्र ने बरसाया अमृत
विसर्जन के दिन भगवान इंद्र ने आसमान से अमृत वर्षा की। दोपहर में जब श्रद्धालु गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए जा रहे थे। इस दौरान अचानक तेज आंधी के बाद बरसात शुरू हो गई। करीब 20 मिनट तक बारिश का सिलसिला चला। विसर्जन करते श्रद्धालु भी खुश थे कि आज इंद्र भी गणपति की विदाई पर अमृत बरसा रहे हैं।