
बाड़मेर. दूर-दूर तक फैला रण और बीच मैदान में दौड़ते घोड़े, मैराथन के माध्यम से प्रतिभा का हुनर दिखाने उमड़े नौजवान, देश विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों की मीठी आवाज का जादू और प्रतिभाओं का हौसला अफ जाई करने पहुंचे हजारों लोग। मौका था रविवार को रेडाणा के रण में मरुगूंज संस्थान व ग्रामीणों की तरफ से आयोजित रेडाणा रण महोत्सव का।
आयोजन समिति के नरपतसिंह रेडाणा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भारतमाता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। उसके बाद लोक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया।
मुख्य अतिथि रावत त्रिभुवनसिंह ने कहा कि आने वाले समय में यह देश का बड़ा पर्यटन स्थल बन सकता है। जिला प्रशासन को यहां की सम्भावनाओं को तलाशने के साथ रोजगार विकसित करना होगा। सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि रेडाणा का रण भी गुजरात के कच्छ के रण की तरह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। युवा नेता आजादसिंह राठौड़, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रघुवीरसिंह तामलोर ने भी सम्बोधित किया।
आयोजन समिति के सदस्य जुंझारसिंह रेडाणा ने बताया कि रेडाणा रण महोत्सव में हॉफ मैराथन का आयोजन हुआ। मैराथन में प्रथम देवाराम, द्वितीय प्रेमाराम व तृतीय महेन्द्रसिंह रहे। घुड़दौड़ में प्रथम तेजपालसिंह रेडाणा, द्वितीय बालसिंह व तृतीय हरपालसिंह रहे।
इस मौके पर पूर्व सरपंच तनसिंह रेडाणा, मौलवी अब्दुल करीम, नारायणसिंह भाटी, स्वरूपसिंह सोढ़ा परो, लूणसिंह महाबार, गिरधरसिंह जैसिंधर, नरपत जाणी, समाजसेवी हिंदूसिंह रेडाणा, तनवीरसिंह फोगेरा, कमलसिंह रेडाणा, नरपतसिंह रेडाणा, हमीरसिंह रेडाणा, छोटूसिंह, रविन्द्रसिंह, नरेपालसिंह, ईश्वरसिंह, नेपालसिंह तिबनियार, गजेन्द्रसिंह गोरडिय़ा सहित कई जने मौजूद रहे।