बाड़मेर

आग लगने से घर का मुखिया जिंदा जला, परिवार आया आसमा तले

- कच्चे झोंपों से बने आवास में लगी आग

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आग लगने से घर का मुखिया जिंदा जला, परिवार आया आसमा तले



गडरारोड (बाड़मेर). बाड़मेर जिले के गडरारोड उपखण्ड क्षेत्र के तामलोर गांव के एक घर मे मंगलवार दोपहर को लगी आग ने परिवार के सिर से छत और मुखिया का साया छीन लिया। हादसा इतना खतरनाक था कि घर में सो रहे किशनसिंह को पता चला तब तक वह आग की चपेट में आ चुका, लाख प्रयास के बावजूद उसको बचाया नहीं जा सका।
दोपहर में तेज गर्मी पर किशनसिंह पुत्र आंबङ्क्षसह अपने घर में बने झोंपड़े में सो रहा था। तभी अचानक आग लग गई। परिवार को जब तक पता चलता तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घटना के दौरान घर के मुखिया किशनसिंह की जलने से दर्दनाक मौत हो गई।
पड़ोसियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया तब तक घर में रखा पूरा सामान, खेती से लिया अनाज, 8-10 बकरियां, गहने, नकदी, बर्तन,बिस्तर सब कुछ जलकर राख हो गया। परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया।
ग्रामीण विक्रमसिंह तामलोर ने बताया कि उनके गांव सहित सीमावर्ती क्षेत्र में ऐसी कई घटनाएं इन दिनों हो रही हैं बावजूद इसके प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जब इस क्षेत्र में लोगों को पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं है तो आग किससे बुझाए। आम व गरीब लोगों के आशियाने जल रहे हैं। आज तो परिवार को चलाने वाला मुखिया किशनसिंह तक चला गया। क्षेत्र में आजादी के 74 वर्षो बाद भी पीने को पानी नही मिल रहा है।
सरपंच हिंदूसिंह तामलोर बताते हैं कि पूरे सीमांत क्षेत्र में दमकल की व्यवस्था नही है। बॉर्डर के आखिरी गांव सुंदरा से जिला मुख्यालय 200 किमी पड़ता है, ऐसे में कब दमकल पहुंच कर आग बुझाएगी। अति पिछड़े एवं सीमांत गडरारोड़ क्षेत्र में आज भी हजारों गरीब परिवार कच्चे झोपड़ों में जीवन यापन करते हैं। इन सबकी सुरक्षा के लिए गडरारोड में दमकल सेवा दी जाए।
दमकत होती तो बच सकती थी जान- उपखण्ड मुख्यालय गडरारोड में दमकल होती तो किशनसिंह की जान बचाई जा सकती थी। घटना की सूचना मिलने पर उपखण्ड अधिकारी सुनील पंवार, तहसीलदार सवाईसिंह चारण, थानाधिकारी ओमप्रकाश चौधरी, सरपंच हिंदूसिंह तामलोर सहित कई लोग मौके पर पहुंचे।
प्रशासन ने मौका रिपोर्ट बनाकर सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया।

Updated on:
27 Apr 2021 07:04 pm
Published on:
27 Apr 2021 07:03 pm
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