- पंचायत समिति क्षेत्र में नहीं फायरब्रिगेड, बालोतरा से आती तब तक सब कुछ स्वाह - लम्बे समय से मांग, सरकार नहीं दे रही ध्यान
पाटोदी. गर्मी शुरू होते ही क्षेत्र में ढाणी-झोंपों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। हर दूसरे-तीसरे दिन कहीं न कहीं कोई ढाणी व झोंपा आग की भेंट चढ़ रहा है। आग लगते ही लोगों को फायरब्रिगेड की याद आती है, लेकिन पंचायत मुख्यालय पर यह सुविधा है ही नहीं। एेसे में बालोतरा में दमकल को सूचना देनी पड़ती है, वहां से जब तक राहत आती है तब तक सब कुछ जल कर राख हो जाता है।
पाटोदी व क्षेत्र के गांवों में दमकल का अभाव परेशानी का दूसरा नाम बना हुआ है। पंचायत समिति क्षेत्र से 21 ग्राम पंचायतें जुड़ी हुई हैं। बावजूद इनके लिए दमकल सुविधा नहीं है। इस पर कस्बे व क्षेत्र के गांवों में जब भी आग की घटना होती है, तब बालोतरा से दमकल पहुंचती है। बालोतरा ेसे पाटोदी 35 किमी व इसके गांव 55 से 60 किमी दूर होने पर दमकल के पहुंचने पर सब कुछ जलकर राख हो जाता है। क्षतिग्रस्त सड़कों पर सूचना के कई घंटों बाद पहुंचने वाली दमकल जले पर नमक छिड़कने पर साबित होती है। दो दिन पहले एक कपड़े की दुकान मे विद्युत शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर दो घण्टे के बाद दमकल के पहुंचने पर सब कुछ राख हो गया। क्षेत्र में प्रतिवर्ष आग लगने की कई घटनाएं होती हैं। इसमें सब कुछ जलकर राख होता है। इससे लाखों रुपए का नुकसान होता है। इस पर लंबे समय से दमकल की जरूरत महसूस की जा रही है। ग्रामीण व जनप्रतिनिधि कई बार सरकार से मांग कर चुके हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों में रोष है।
दमकल जरूरी- कस्बे व क्षेत्र मेंं हर साल कई जगह आग लगने पर लाखों का नुकसान होता है। दमकल बहुत जरूरी है। सरकार इसे तुरंत उपलब्ध करवाएं।- जबराराम कुमावत, सांगरानाडी
बजट नहीं- हमारे पास बजट नहीं है, जिससे दमकल खरीदी जा सकें। आग लगने पर बालोतरा सूचना देकर दमकल मंगवाते हैं। पंचायत समिति मुख्यालय पर दमकल व्यवस्था हो तो सुविधा मिलेगी। - सवाईसिंह कुमावत, नायब तहसीलदार पाटोदी