
तमगा आदर्श का और पेड़ की छांव के साथ खिसकता विद्यालय
स्कूल का भवन जर्जर , 320 विद्यार्थी हैं अध्यनरत
आेम माली
बाड़मेर पत्रिका. राज्य सरकार ने आनन-फानन में आदर्श स्कूल तो शुरू कर दिए लेकिन इनकी हालत इतनी खराब है कि यह तमगा बेमानी लगता है। जिला मुख्यालय से महज 50 किलोमीटर दूर आकली गांव के बारहवीं स्तर का विद्यालय पेड़ की छांव के साथ खिसकता है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आकली का भवन जर्जर है। विद्यालय में एक मात्र बबूल का पेड़ है जिसकी छांव में एक से पांचवीं तक कक्षाएं लगती है। जिस तरफ छांव होती है, उसी दिशा में छात्रों को भी अपना स्थान बदलना पड़ता है। बाकी कक्षाएं तीन जर्जर कमरों में और और पांच क्लास बरामदे में लगती हैं।
कंम्यूटर की पैकिंग ही नहीं खुली
स्कूल में डिजिटल ज्ञान के लिए 20 कम्प्यूटर आए हैं लेकिन कम्प्यूटर लैब के लिए कक्ष ही नहीं है। ऐसे में अभी तक कम्प्यूटर पैक ही रखे हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि कम्प्यूटर रखें कहां पर यह समस्या हो रही है।
पानी की व्यवस्था समाजसेवियों के भरोसे
आदर्श विद्यालय में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। समाजसेवी यहां के टांके में हर महीने पानी के दो टैंकर डलवाते हैं। तब स्कूल के बच्चों को पीने का पानी नसीब हो रहा है।
टपकती है कक्षों की छतें
विद्यालय में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही की छुट्टी करनी पड़ती है। स्कूल के कमरों की छतों से पानी टपकना शुरू हो जाता है। वहीं निकासी नहीं होने से परिसर पानी से भर जाता है।
हर माह डलवाते हैं पानी की दो टंकी
विद्यालय विकास के लिए एक लाख रुपए भी दिए थे। उसके बाद हर माह पानी के दो टैंकर की व्यवस्था कर रहा हूं। जर्जर भवन के लिए सरकार को कुछ करना चाहिए।
बाबूलाल परिहार, समाजसेवी
ग्राम पंचायत दे सकती है बजट
जर्जर भवन के लिए ग्राम पंचायत बजट जारी कर सकती है। पंचायत को खनन विभाग और आरएसएमएमएल से रॉयल्टी का कुछ हिस्सा भी मिलता है।
शंकरलाल, सरपंच आकली गांव
सभी अधिकारियों को ज्ञापन दे दिया
विद्यालय के जर्जर कक्ष कभी भी ढह सकते हैं, इसलिए सुरक्षा के चलते बच्चों को बाहर बिठाया जाता है। शिव उपखण्ड अधिकारी से लेकर जिला कलक्टर तक सभी को समस्या बता चुके हैं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
नरपत सिंह, ग्रामीण
बारिश होते ही बच्चों की छुट्टी
आदर्श विद्यालय के अनुसार एक भी सुविधा नहीं है। विद्यालय बारहवीं तक है लेकिन विद्यालय में तीन कक्ष ही ठीक ठाक मान सकते हैं। बारिश होने पर बच्चों की छुट्टी करने की नौबत आ जाती है। विद्यालय में सरकारी योजना से कम्प्यूटर तो आए हैं लेकिन कक्ष नहीं होने के कारण उन्हें अभी तक खोला भी नहीं है।
अमृत पाल, प्रधानाचार्य
राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय आकली