बाड़मेर

मां कुक-कम‌-हेल्पर,पिता किसान,बेटा बना‌ स्कूल लेक्चरर

-उतार चढ़ाव भरा रहा अब तक का सफर
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Updated: 29 Oct 2023, 9:26 AM IST
मां कुक-कम‌-हेल्पर,पिता किसान,बेटा बना‌ स्कूल लेक्चरर
मां कुक-कम‌-हेल्पर,पिता किसान,बेटा बना‌ स्कूल लेक्चरर

कहते हैं कि अगर हौंसला बुलंद हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं...। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है स्कूल व्याख्याता बने ठाकरा राम ने । हाल ही में आरपीएससी द्वारा आयोजित स्कूल लेक्चरर भूगोल विषय से चयनित बालोतरा जिले की सिणधरी तहसील के ग्राम पंचायत सड़ा धनजी निवासी ठाकरा राम डोगियाल अपनी ग्राम पंचायत के प्रथम व इकलौते स्कूल लेक्चरर हैं इनका अब तक का सफर उतार चढ़ाव भरा रहा है। मां एक सरकारी स्कूल में कुक कम हेल्पर का काम करती है तथा पिताजी किसान हैं इन्होंने पाई पाई जोड़कर अपने बेटे को पढ़ाकर व्याख्याता बना दिया।

बीए में फेल भी हुए तथा पार्ट टाइम सुरक्षा गार्ड जैसे काम भी किए
इनकी पढ़ाई ग्रामीण पृष्ठभूमि से ही रही हैं तथा शुरुआत से एक औसत विद्यार्थी रहें हैं इन्होंने ग्रेजुएशन स्वयंपाठी के रुप से जेएनवीयू से की और बीए सैकंड ईयर में एकबार फेल हो जाने के बाद भी हौंसला नहीं हारे और दुबारा परीक्षा देकर ग्रेजुएशन थर्ड डिवीजन से पास की तथा पढ़ाई के साथ अपना खर्चा वहन करने के लिए बीएड करने के दौरान जोधपुर में कई दुकानों पर हेल्पर व आवासीय बिल्डिंग में सुरक्षा गार्ड के रूप में तो कई शादियों में वेटर जैसे पार्ट टाइम जॉब भी किए।

प्रथम प्रयास में ही बन गए व्याख्याता
इन्होंने बताया की रीट 2021 में अच्छे अंक थे लेकिन दुर्भाग्यवश सरकार ने इस भर्ती को रद्द कर दिया लेकिन हार नहीं मानी दुबारा लग गए तैयारी में और NTA द्वारा आयोजित UGC NET 2021 परीक्षा में नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपना मनोबल बढ़ाया उसी समय आरपीएससी स्कूल लेक्चरर का विज्ञापन आ गया और लग गए तैयारी में आखिर में सफलता प्राप्त की।

सफलता का श्रेय
मेरी सफलता में मेरे स्वर्गीय दादाजी, माता पिता, गुरुजनों, बड़े भाई व बहनों, दोस्तों का बहुत ही सराहनीय योगदान रहा।

Updated on:
29 Oct 2023, 9:26 AM IST
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