बाड़मेर

खबर का असर, कलक्टर के आदेश पर चिकित्सा टीम पहुंची पादरिया, पढ़िए पूरी खबर

पत्रिका अभियान- दूर हो पादरिया का अभिशाप, पानी के अलग-अलग नमूने एकत्र, जोधपुर की प्रयोगशाला से होगी जांच  
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Jun 13, 2018
Barmer news
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बाड़मेर. सीमावर्ती पादरिया गांव में जिला कलक्टर के निर्देश पर आठ सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मंगलवार को जांच को पहुंची। टीम ने यहां मरीजों की जांच कर कइयों को उपचार के लिए जिला अस्पताल रैफर किया। बीमारी से जूझ रहे गांव के लोगों के लिए यह बड़ी राहत साबित हुई।

सीमावर्ती पादरिया गंाव में चालीस से ज्यादा लोगों के अपाहिज और दृष्टिबाधित होने के मामले में पत्रिका के अभियान दूर हो पादरिया का अभिशाप में प्रकाशित श्रृंखलाबद्ध समाचारों से गांव की स्थिति सामने लाई गई। इसके बाद जिला कलक्टर के निर्देश पर सोमवार को चिकित्सा व जलदाय विभाग के अधिकारियों की टीम का गठन हुआ। आठ सदस्यीय टीम मंगलवार को पादरिया गांव पहुंची। यहां लोगों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की गई। डिप्टी सीएमएचओ पीसी दीपन के नेतृत्व में टीम में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. महेन्द्र चौधरी, फिजिशियन डॉ. महिपालसिंह, अस्थिरोग विशेषज्ञ डा. रमेश, एपीडोमोलोजिस्ट मुकेश गर्ग सहित विशेषज्ञ शामिल थे।

जोधपुर भेजे जाएंगे नमूने

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश चौधरी ने बताया कि चिकित्सा व जलदाय विभाग की संयुक्त टीम पादरिया पहुंची। चिकित्सा टीम ने पीडि़तों की जांच की वहीं जलदाय विभाग की टीम के अधिकारी ने पानी की जांच के लिए अलग-अलग नमूने लिए हैं। नमूनों को जांच के लिए जोधपुर की प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

ग्रामीणों में बंधी आस और विश्वास
यहां ग्रामीणों में आस बंधी है कि अब उनके उपचार का प्रबंध होने लगा है। पानी के नमूने लिए जाने के बाद यह भी भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में पीने को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा।

भयावह स्थिति

दरअसल जिस पानी के लिए ये लोग इतनी पीड़ा भोग रहे है वो इनको जीवनभर के लिए पीडि़त कर रहा है। गांव में चालीस से ज्यादा लोग खाट पकड़े हुए है। चिकित्सा महकमे का कहना है कि पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से यह स्थिति है। जब तक इस पानी को पीना नहीं छोड़ेंगे इसका कोई इलाज नहीं।
कब आएगा 2021

जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दस साल पहले इस गांव के लिए बनी योजना फेल हो गई है। हौदी में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अब 2021 तक नर्मदा का पानी आएगा तब ही इसका समाधान होगा।

यह है हालात

फ्लोराइड की वजह से हड्डियां कमजोर होने, दृष्टिबाधित होना और कमर जकड़ जाने से लोग घर-घर में खाट पकड़े हुए है। बच्चे बीमार है, जवानों की कमर टेढ़ी हो गई है और बूढ़ों के लिए चलना फिरना मुश्किल।

Published on:
13 Jun 2018 11:44 am