रहवासियों के लिए छीना सुख-चैन, मच्छरों का प्रकोप, गंदगी की मार
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पाटोदी.
कस्बे के खाली भूखंडों में उगी बबूल की झाडिय़ां रहवासियों के लिए परेशानी बनी हुई है। भूखंड मालिकों व ग्राम पंचायत के ध्यान नहीं देने से पनपे मच्छरों के चलते बीमारी का डर सता रहा है तो गंदगी के चलते लोग स्वच्छ वातावरण को तरस रहे हैं। कस्बे में कई भूखण्ड
सालों से खाली पड़े हैं। भूखण्ड मालिक के सार-संभाल नहीं करने से यहां बबूल व अन्य झाडि़यां उग गई है। इसके चलते यहां मच्छर पनप रहे हैं। इन मच्छरों के चलते
आसपास रहने वाले लोग परेशान है। एक ओर जहां मच्छरों के काटने से बीमारियां फैलने की आशंका से डरे हुए हैं
तो दूसरी ओर यहां फैल रही गंदगी से शुद्ध हवा को तरस रहे हैं। स्थिति यह है कि रहवासी घर से बाहर बैठने से कतरा रहे हैं,
क्योंकि मच्छर भिनभिनाने से दो मिनट भी नहीं बैठ सकते। वहीं, खूला भूखण्ड होने से पड़ोसियों को छोड़ आसपास के
लोग यहां कचरा डाल देते हैं। जिसके चलते गंदगी भी फैल रही है। इस समस्या के समाधान को लेकर लोग भूखण्ड मालिक के पास जाते हैं
तो उनका एक ही जवाब होता है, हम अभी वहां नहीं रह रहे, इसलिए झाडि़यां नहीं कटवाएंगे। दूसरी ओर ग्राम पंचायत
प्रशासन भी स्वच्छता को लेकर ध्यान नहीं दे रहा और ना ही संबंधित भूखण्ड मालिक को पाबंद कर रहा। एेसे में रहवासी परेशाान है।
सांप-बिच्छू का डर- घनी झाडिय़ों में जहरीले जीव जंतु विचरण करते हैं। विशेषकर सांप, बिच्छू ज्यादा होते हैं। इनके काटने का रहवासियों को डर सताता है। परेशान रहवासी अनेकों बार भूखंड मालिकों व ग्राम पंचायत प्रशासन को समस्या से अवगत करवाकर इन्हें कटवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
रहना हुआ मुश्किल- .
कस्बे में जगह-जगह खाली पड़े भूखंड़ों में उगी घनी बबूल की झाडिय़ों के चलते मच्छर खूब पनपे हैं। खुले में बैठना मुश्किल हो रखा है। कई लोग कचरा डालते हैं। इससे दुर्गंध आती है। ग्राम पंचायत इन्हें कटवाए अथवा भूखंड मालिकों को सफाई करने के लिए पाबंद करें।-
पारसमल बागमार