- रामसर क्षेत्र में भीषण अकाल, किसानों को त्रिकाल की चिंता
रामसर. जिले भर के कई गंावों में सामान्य से कम या बिल्कुल बारिश नहीं होने से फसलें तो पनपी नहीं साथ ही चारा भी पैदा नहीं हुआ। अधिकतर गांवों में लोग बारिश के पानी को 8 से 12 माह तक उपयोग करते हैं। ऐसे में इस बार बरसात के अभाव में चारे-पानी का संकट गहरा गया है। रामसर क्षेत्र के कई गांवों में बीते तीन साल से लगातार अकाल के चलते समस्या और भी विकट रूप धारण किए है।
किसानों का कहना है कि इस बार बारिश नहीं के बराबर हुई। इस समय अक्सर लबालब रहने वाले तालाब सूखे पड़े हैं। अच्छे जमाने की उम्मीद पर बैठे किसानों को अब चिंता सता रही है। क्षेत्र में बारिश के अभाव में 90 प्रतिशत फसलें जल चुकी हैं। ऐसे में ग्रामीणों की उम्मीद अब सरकारी मदद पर टिकी है।
पानी का जुगाड़ हुआ मुश्किल
क्षेत्र में पानी की कमी हो गई है। परम्परागत जल स्रोत अब जवाब दे चुके हैं। जलदाय विभाग की ओर से बने जीएलआर दयनीय हालत में है। इनमें से अधिकतर वर्षों से सूखे पड़े हैं। क्षेत्र में लगे अधिकरत हैंडपंप मरम्मत के अभाव में खराब हालत में हैं।
चारे के भाव आसमान
क्षेत्र में चारे की व्यवस्था बारिश पर निर्भर है। ग्रामीण भैराराम भाखर का कहना है कि गत वर्ष कम बारिश के चलते चारा भी कम ही उत्पादित हुआ। अभी कम बारिश से घास नहीं हुई। यहां के बाशिन्दों की आजिविका का आधार पशुपालन ही है। अब इन पशुओं को जीवित रखना भी मुश्किल हो रहा है।
500 रुपए तक पहुंचा चारा
चारे की किल्लत के चलते अधिकतर तो चारा मिलता ही नहीं। कहीं मिल भी जाता है तो उसके भाव 500 रुपए मण से भी अधिक पहुंच गए हैं। किसान अपने पशुओं के साथ पलायन की सोच रहे हैं।
रोजगार योजना हुई फेल।
क्षेत्र में रोजगार के साधन भी नहीं हैं। रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से भी रोजगार नहीं मिल पा रहा है। फलस्वरूप किसानों के इतनी आय भी नहीं है, कि अपने पैसों से चारा पानी की व्यवस्था कर सके। लोग गांव छोड़कर रोजगार की तलाश में गुजरात, मुंबई, मद्रास जैसे नगरों की ओर निकल रहे हैं।
विधायक को सौंपा ज्ञापन
ग्राम पंचायत इन्द्रोई में राजस्व गांव भदरू, जोधासर, कानपुरा, बलदेव नगर, इन्द्रोई, बसरा, शहीद पहाड़सिंह नगर, जायडू, हालेपोतरो की बस्ती, चवा खियाला में भयंकर अकाल की स्थिति है। इसको लेकर ग्रामीणों ने मौलवी अब्दुल करीम के नेतृत्व में विधायक कर्नल मानवेन्द्रसिंह जसोल व तहसीलदार रामसर को ज्ञापन सौंप अकाल राहत कार्य शुरू करने की मांग रखी। इस दौरान गंगासिंह राठौड़, हाजी उमरखान, सांगसिंह राठौड़, जैसलाराम सेजू, देवीसिंह भदरू, नवलाराम बेनीवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
पेयजल योजना नहीं हुई स्वीकृत
इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के तहत द्वितीय चरण में इन्द्रोई पंचायत को जोडऩे की योजना बनाई, लेकिन यह अभी तक स्वीकृत नहीं हुई है।