बाड़मेर

रेल की मिली सौगात, किराया भी हो गया आधा

बाड़मेर से मुनाबाव रेल में कोविड से पहले का किराया लागू
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Updated: 5 Mar 2024, 12:27 AM IST
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गडरारोड, रेल किराया कम होने के बाद बढ़ी यात्रियों की भीड़

गडरारोड क्षेत्र के सीमावर्ती ग्रामीणों को रेल के दूसरे फेरे शुरू करने के तीसरे ही दिन बहुत बड़ी राहत देते हुए रेल किराया आधा कर दिया है। कोविड काल में बढ़े किराए के दर को वापस ले लिया गया है। अब कोविड से पहले जो साधारण रेल किराया लागू था वहीं किराया लिया जाएगा। यह सुविधा रविवार सुबह से सभी स्टेशनों के लिए लागू कर दिया गया है।गौरतलब हो कोरोनाकाल में सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए रेलवे का किराया बढ़ा दिया गया था। जिसे कोविड काल खत्म होने के बाद वापस नहीं लिया गया था।

एक्सप्रेस की जगह साधारण गाड़ी का किराया
अभी तक बाड़मेर मुनाबाव साधारण रेल में एक्सप्रेस किराया लिया जा रहा था। शनिवार को रेलवे बोर्ड ने यह फैसला वापस ले लिया। अब रविवार से कोविड से पहले का किराया लागू होगा। कोविड से अब तक बाड़मेर से मुनाबाव 60 रुपए, गडरारोड 45 रुपए की दर से किराया वसूला गया। अब यही किराया घटकर 30, गडरारोड 25 रुपए हो गया है। वहीं न्यूनतम दूरी का किराया 10 रुपए का टिकट होगा।

तीस रुपए में गडरारोड का सफर
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर ने बताया कि रेलवे बोर्ड स्पेशल किराए को वापस लिया गया है। अब कोविड से पहले लागू किराए का भुगतान करना होगा। न्यूनतम किराया 10 रुपए
इससे सुदूर सीमावर्ती गांवों से आने वाले आम गरीब आदमी के लिए रेल सबसे सस्ता,सुगम साधन बन गया है।

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