
बायतु विधानसभा क्षेत्र
तेल की धरा पर नहीं बुझ रही पानी की प्यास
बायतु ञ्च पत्रिका . बायतु विधानसभा क्षेत्र में निकल रहे तेल से प्रतिदिन करीब पन्द्रह करोड़ का राजस्व राज्य का खजाना भर रहा है, लेकिन क्षेत्र को पेयजल संकट से निजात नहीं मिल पाई है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ा मुद्दा पेयजल ही है।
यहां अपराध लगाम को लेकर पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय खोलने की स्वीकृति तो मिल गई, लेकिन कार्यालय व अधिकारी अभी तक नजर नहीं आए। बायतु से निकलने वाले बड़े वाहन कस्बे के बीच से गुजरते हैं। यहां से पत्रिका टीम निकली तो जाम में फंस गई। यहां बाइपास प्रस्तावित था। जिससे जाम से राहत मिलती, लेकिन अभी बन नहीं पाया है। यहां रेल फाटक बंद होने की स्थिति में घंटों जाम में फंसा रहना मजबूरी है।
हम प्रतिदिन दे रहे 15 करोड़, पानी का बजट तक नहीं मिला
बायतु विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पेयजल संकट है। यहां पोकरण-फलसूण्ड पेयजल योजना से पानी बायतु क्षेत्र में पहुंचना था। लेकिन नहीं आया। क्षेत्र में कू्रड तो निकल रहा है। जबकि रिफाइनरी पचपदरा चली गई। यहां रोजगार को लेकर भी संकट है। बायतु पहले बाड़मेर विधानसभा का हिस्सा था। इसे वर्ष 2008 में अलग कर विधानसभा क्षेत्र बनाया।
औद्योगिक विकास, न मूलभूत सुविधाएं
पत्रिका टीम बायतु कस्बे में पहुंची। यहां लोग पानी के लिए परेशान थे। खेतों में पानी नहीं है और घरों में भी नहीं। तेल उगलने वाले क्षेत्र के लोग पानी के लिए भटकते मिले। यहां औद्योगिक विकास अभी सपना नजर आया। अकाल के हालात यहां हर तरफ दिखे।
विधायक रहे सक्रिय, प्रतिद्वंद्वी बन गए सांसद
विधायक कैलाश चौधरी पांच साल तक क्षेत्र में सक्रिय रहे। वे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रहने के दौरान प्रदेश के साथ ही विधानसभा क्षेत्र में भी लोगों के बीच रहे। उनका निवास बालोतरा में होने के कारण लोगों को कई बार मिलने के लिए बालोतरा जाना पड़ा। वहीं, उनके खिलाफ कांग्रेस से चुनाव लडऩे वाले कर्नल सोनाराम चौधरी ने भाजपा का दामन थामा और सांसद बन गए। सांसद होने के नाते बायतु भी उनके संसदीय क्षेत्र का हिस्सा रहा। वे भी सक्रिय रहे।
कुल मतदाता
183326
महिला
85765
पुरुष
97561
कैलाश चौधरी
73097
कर्नल सोनाराम
59123
जीत का अंतर
13974