बाड़मेर

lok sabha election 2024: राजस्थान के इस सबसे छोटे विधायक ने क्या लिया है बड़ा फैसला…

lok sabha election 2024: शिव से निर्दलीय विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने लोकसभा चुनाव निर्दलीय लडऩे का ऐलान किया हैै। मंगलवार को बाड़मेर में समर्थकों की बैैठक में विधानसभा में सबसे कम उम्र के विधायक रविन्द्र का विधानसाभा के बाद अब लोकसभा में भी निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा ने उत्सुकता बढ़ाई है।

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Mar 26, 2024
lok sabha election 2024: राजस्थान के इस सबसे छोटे विधायक ने क्या लिया है बड़ा फैसला...

lok sabha election 2024: शिव से निर्दलीय विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने लोकसभा चुनाव निर्दलीय लडऩे का ऐलान किया हैै। मंगलवार को बाड़मेर में समर्थकों की बैैठक में विधानसभा में सबसे कम उम्र के विधायक रविन्द्र का विधानसाभा के बाद अब लोकसभा में भी निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा ने उत्सुकता बढ़ाई है।
रविन्द्रसिंह ने आज देसी भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि सबाऊं पेल तो.., छत्तीस कौम बुजुर्गा, युवा साथियों, हृदय री अनंत गर्मी वर्मी नां ,बारह बजे रविन्द्र ने हिम्मत देण वास्ते, मार्गदर्शन वास्ते आप सब पधार्या, आप सबां रों धन्यवाद, साधुवाद, हैणा चर्चा चलती पड़ी। म्है विचार कर्यो 500-700 छत्तीस कौम रा लोग बुलाहां, म्है मोटो भाल है। बहुत धन्यवाद। कई सारे बातां म्हनै आज केणो है। विधाानसभा में र विन्द्र लड़तो प डयो, संघर्ष करतो पडय़ो, आशीर्वाद म्है माथे रह्यो। जीवन रे हर दौर रे मइना, म्यालो टेंट छोटो पउ्यो, जोश बरकरार जारी राख्यो। रविन्द्र कुण है, किया में आयो, कांकर पूगो, ऐथ क्यां भाषण दे। म्याळो जन्म दूधोड़े में हुओ। मारवाड़ रे युवा म्हने नाम दियो पहचान दियो। जेड़ी होती मदद करता कोई अहसान कोनी कर्यो। युनिवर्सिटी में वकालात करी। चुनावां रा दिन आया। चार भाई आया छत्तीस कौम रा आदमी आया। ऐथ मोटा हाथी लड़ा, अपणी केथ बारी आवे। ऊवे जोधपुर यूनिवर्सिटी चुनाव लडय़ो। निर्दलीय रूप में पहचान मिली। 57 साल में निर्दलीय रे रूप में पहचान मिली। पहचान मारवाड़ री, मजबूत कर्यो भेला खउ़ा रह्या। सरकारां विरोध में रही। जेथ भी लड़ाई लड़ण रो मौको मिल्यो, लडय़ा। तीन साल रे मईने। लाठां हां और मजबूती मां हां। लड़ाई शुरू करी। म्याळे कई सारा भाइयां कह्यों, फिरण लागां रा तो तमाम भाइया री बात ने सुणसे कुण? ऊंआरा रे हक अर अधिकारा, विधानसभा में आयो। म्हारो जन्म हुयो। लाड कोड़ रह्यो। विधानसभा रे मईना घूम्यो, क्षेत्र रे हर तमाम आदमी रो धन्यवाद। ऊए जगा भी पॉलिटिकल पार्टियां रो। पाछो रविन्द्र हेकलो। मजबूती देण रो काम किया ओ आप सब ऐ कर्यो। ऊए साधारण रे परिवार ऊं आवण वाले, लाड दे कोड दे सदर रे मईना पुगायो। सदन रे मइना शुरूआत करी। ऊए छोटे सेशन रे मईना जैथ कैथ मौको मिल्यो, सदन रे पटल माथी राखी। म्है म्हारो धरम निभायो। लारले तीन महिना में दरवाजा बंद कोनी कर्या। एक युवा ने मौको दिनो, निर्दलीय रे रूप में जिम्मेदारी रे माथे खरो उतरणो पडय़ो। तीन महीने में तीन महीना में कई आदमी ने पूछ्यो कोनी जाति कई है धर्म की है। 3 लाख मंइना 80 हजार बोट मिल्या। हेक आदमी बता दया, जकैने कह्यो के तें बोट नी दियो,काम कोनी करां। कोई भी आदमी आयो, ऊएरे वास्ते मदद। ओ म्हारो नैतिक धर्म, जिम्मेदारी। म्हारे इये सीमांत क्षेत्र री बात ने आगे राखों। इये पब्लिक री सेवा रे सारूं काम करतो पडय़ो। लोकसभा चुनाव रो आगाज हुओ। पूरे क्षेत्र रे भाईयों रा फोन आयो। हिम्मत करो, म्है भेळां हां। जाईस, राय लईस। ईये यात्रा रे दौरान हूं अलग-अलग क्षेत्र रे मईंना गयो। हिम्मत करो, म्है भेळा रेसां। ऊंआ म्हनै हेलो कियो, बुलायो। म्याळौ मन जनता तय करहें। जदे वार्ता रा दौर चलता पड़्या। हर क्षेत्र रे भाइयां रो फोन आतो, माटी बैस्या मता, म्है भेला रेसा। विधायक रो पद है, हूं आपरे वास्ते काम करीस। म्है कां पड्या, म्हारी बात राखो। फिरण री जरूरत कोनी फिरसां म्है। 21 लाख बोट। म्है मेहनत करसां। म्है सबां मईना बात करी, विचार कर्यो। इरादो की है, ऊंआरे भेलो बिचार करे, फैसलों करीस। तूफान आवण लागो...आसे। अजां तो हूं आयो हां...अरे बाबा गरीबदास रो आशीर्वाद ले आयो हां। हूं केरे ई खिलाफ कोनी हों। केरेई खिलाफ बयानबाजी कोनी करी। ईये राजनीति रे मंई हां, केरे ही खिलाफ बयानबाजी कोनी करां। ऊओंरी बात मजबूत होणी चईजे। हेकलो आदमी हांं, मेहनत करां पडय़ा। आवण हाळे दौर मंई की करां। आप सबां कनै राय लेण आयो हां।
भाइयों म्है पेली आपने कह्यो, चुनाव बहुत मोटो है। 21 लाख बोट, 2600 पोलिंग बूथ है। महीनेभर रो टेम रह्यो है। पाछा 26 नै, 2600, तैयार हों। म्है कने धनबल कोनी, बाहुबल कोनी, पॉलिटिकल पार्टियां कोनी, स्टार प्रचारक कोनी है। 36 कौम रा लोग है। तैयार हों।
2600 बूथ माथे, रविन्द्र बणै हिम्मत हों। हो तैयार। म्है मईने जित्तो हो सके। भलो करीस भूण्डो कोनी होण द्या। ईये चीज रो भरोसे जरूर दिलावे। जै केनै कंई दे नहीं सकां तो मजबूूती। सबकुछ दांव पर लगा रहा हूं। हाथ ऊंचा कर आशीर्वाद द्यो।

Published on:
26 Mar 2024 07:17 pm
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