मेडिकल शिक्षा में बढ़ते कदम...-2024 में बाड़मेर राजकीय मेडिकल कॉलेज से निकलेंगे 100 डॉक्टर-कॉलेज में पीजी डिप्लोमा कोर्स की भी शुरुआत
जिस क्षेत्र में कभी सामान्य शिक्षा मुश्किल हुआ करती थी, वहां पर अब मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी प्रगति है। थार में चिकित्सक तैयार हो रहे है। साल २०२४ के बाद हर साल १०० और इससे भी अधिक चिकित्सक हर साल यहां से निकलेंगे। चिकित्सा के क्षेत्र में बाड़मेर में यह क्रांतिकारी बदलाव होगा।
जिले का विस्तृत क्षेत्र और दूरस्थ के साथ विषम परिस्थितियां इस क्षेत्र की बड़ी चुनौतियां रही है। स्कूल के बाद कॉलेज की शिक्षा भी काफी मुश्किल रही है और प्रोफेशनल कोर्स को लेकर एजुकेशन तो यहां से दूर तक कुछ भी उम्मीद नहीं होती थी। लेकिन पिछले कुछ समय से आ रहे बदलाव के बाद अब बाड़मेर जिसे पिछड़ा क्षेत्र माना जाता रहा है, देश-प्रदेश में एक बड़े माइल स्टोन के रूप में बनता जा रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में उभरता बाड़मेर अब चिकित्सक तैयार कर रहा है।
युवाओं के सपने पूरा करता थार
चिकित्सक बनना एक युवा और उसके परिवार का एक बड़ा सपना होता है। डॉक्टर बनने के किसी युवा के सपने को साकार करने में बाड़मेर भी अपना नाम जोड़ रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज यहां शुरू हुए तीन साल पूरे हो चुके है और अगले दो सालों में यहां से चिकित्सक बाहर निकलेंगे। चिकित्सक बनकर सपने के साथ सेवा कार्य पूरे करने के लिए युवाओं के सामने पूरा जहां होगा।
१३० युवाओं का हर साल प्रवेश
कॉलेज में पहले साल १०० युवाओं को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला था। इसके बाद अब पिछले दो सालों से प्रत्येक वर्ष १३० युवाओं का एमबीबीएस करने का मौका बाड़मेर दे रहा है। वर्तमान में कॉलेज में ३६० मेडिकोज अध्ययनरत है। वहीं साल २०२२ में पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू हो चुका है, जो चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।