बाड़मेर

मिल्क पाउडर पहुंचा स्कूल की चौखट, पिलाने के लिए आदेश का इंतजार

बाड़मेर. लम्बे इंतजार के बाद सरकारी विद्यालयों में मिल्क पाउडर तो पहुंच गया, अब विद्यार्थियों को पीने के लिए और इंतजार करना होगा। क्योंकि सरकार ने अभी तक पिलाने के आदेश जारी नहीं किए हैं। अब दिवाली अवकाश हो जाएगा जिसके बाद ही मिल्ड पाउडर से दूध बना कर बच्चों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत मंगलवार व शुक्रवार को पाउडर से बना दूध बच्चों को पिलाया जाएगा।

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Oct 18, 2022
मिल्क पाउडर

सप्ताह में दो दिन मिलेगा मिडे डे मील में मिल्क पाउडर से बना दूध
मिल्क पाउडर पहुंचा स्कूल की चौखट, पिलाने के लिए आदेश का इंतजार
बाड़मेर. लम्बे इंतजार के बाद सरकारी विद्यालयों में मिल्क पाउडर तो पहुंच गया, अब विद्यार्थियों को पीने के लिए और इंतजार करना होगा। क्योंकि सरकार ने अभी तक पिलाने के आदेश जारी नहीं किए हैं। अब दिवाली अवकाश हो जाएगा जिसके बाद ही मिल्ड पाउडर से दूध बना कर बच्चों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत मंगलवार व शुक्रवार को पाउडर से बना दूध बच्चों को पिलाया जाएगा।
सरकारी विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को मिड डे मील दिया जाता है। वहीं, प्रदेश सरकार ने पूर्व में अन्नपूर्णा दुग्ध योजना में बच्चों के लिए दूध का इंतजाम किया था। कोरोना से पहले विद्यालयों में व्यवस्था चल रही थी जिसके बाद योजना बंद हो गई। राज्य सरकार ने इसके बाद करीब एक साल पहले मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना आरम्भ की जिसमेें पाउडर से दूध बनाकर दिया जाना है। उक्त योजना की घोषणा तो हो गई लेकिन क्रियान्विति नहीं हो पा रही थी। अब सरकारी स्कूलों में मिल्क पाउडर पहुंचा है। हालांकि अब तक बच्चों को पिलाने का आदेश नहीं आया है, ऐसे में मिल्ड पाउडर के पैकेट और कट्टे सरकारी भंडारण में रखे गए हैं।
पाउडर से इस तरह बनेगा दूध : योजना के तहत पहली से पांचवीं तक के बच्चों को डेढ़ सौ मिलीलीटर दूध देना है जबकि छठीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों को दो सौ ग्राम। दूध बनाने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर के तीन चम्मच एक कप गुनगुने पानी में डालकर पेस्ट बनाना है। इसके बाद मात्रा के अनुसार 150 व 200 मिलीलीटर पानी डालना है। बच्चों की संख्या के अनुरूप इस गुणात्मक में दूध बनेगा। जो प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार उक्त मिल्क पाउडर 400 रुपए प्रति किलो के हिसाब से डेयरी फेडरेशन ने उपलब्ध करवाया है।
अलग रखना होगा मिल्क पाउडर:दिशा निर्देशों के अनुसार मिल्क पाउडर को पोषाहार गेहूं चावल के साथ नहीं रख कर अलग रखना होगा। वहीं, मिल्क पाउडर बॉक्स को फर्श पर नहीं रखना है। कटे फटे और क्षतिग्रस्त कट्टों की आपूर्ति नहीं करने व बर्तन, चीनी, ईंधन आदि की व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं।
विद्यालयों में मिल्क पाउडर पहुंच गया है। अब तक वितरण करने के आदेश नहीं आए हैं। आदेश के बाद दूध बच्चों वितरण किया जाएगा। - मगाराम चौधरी, प्रधानाध्यापक राउप्रावि कोठे का तला, धारासर
जिले में पोषाहार से लाभान्वित विद्यार्थी
प्राथमिक (1-5) 308635
उच्च प्राथमिक (6-8) 154177
कुल लाभान्वित (1-8) 462812

Published on:
18 Oct 2022 06:59 pm
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