
चौहटन- 2013 का चुनाव हारने के बाद पंचायती राज चुनाव में किस्मत आजमाई और पदमाराम प्रधान बन गए। एक बार फिर जनता से जुड़ गए और पांच साल तक लोगों के बीच में ही रहे। अल्पसंख्यक मतदाता चौहटन में बड़ा आधार हैं। हादी परिवार के करीब रहने से पदमाराम का जुड़ाव इससे भी है।
लिहाजा उनको पार्टी ने इस आधार पर भी तवज्जो दी है। 2008 के चुनावों में पदमाराम के साथ रहे कद्दावर नेता भी मिलनसारिता की वजह से पसंद करते रहे हैं,इसलिए ठीक पैरवी भी हुई।
जनता को मिला है टिकट
- यह टिकट मेरा नहीं जनता का है। लोगों के बीच रहकर काम करने की आदत बना ली है। टिकट मिलने की खुशी है और दुगुने उत्साह के साथ काम करूंगा। कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर लोगों का विश्वास हासिल करेंगे।
- पदमाराम मेघवाल
प्रत्याशी का आधार
प्रोफेशन- सेवानिवृत्त कर्मचारी
सोशल मीडिया- कांग्रेस की बैठकों के फेसबुक पर फोटो
पहचान- सरल स्वभाव
राजनीतिक अनुभव- 2008 में विधायक, 2013 का चुनाव हारे
कॅरियर ग्राफ- 2008 में कांग्रेस से जुड़े। अभी चौहटन प्रधान
लाइफ स्टाइल- पेंट शर्ट
अकसर यहां मिलते हैं- हेमावास, फागलिया गांव
पिछले बार कितने वोटों से जीत या हार
88647- तरूणराय कागा
65121- पदमाराम मेघवाल
23526- अंतर