बाड़मेर

देरी से आए मानसून से थार के किसानों की उम्मीदें बड़ी

पिछले साल जिले में 242.7 एमएम बरसा था मानसूनइस बार साल 2017 की तरह बरसे तो मिले राहत पिछले साल के मुकाबले देरी से आया है मानसून

2 min read
देरी से आए मानसून से थार के किसानों की उम्मीदें बड़ी

उम्मीदों के दक्षिण-पश्चिम मानसून का थार में बेसब्री से इंतजार हो रहा है। हालांकि अभी जिले में मानसून झूम के नहीं बरसा है। लेकिन लोगों को इस बार यह पिछली सीजन से अधिक बरसात की उम्मीद है। जबकि जिले के कुछ हिस्सों में ही सामान्य बारिश हुई है। ऐसे में मानसूनी बरसात को लेकर किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए इंतजार कर रहे हैं।
मानसून इस बार करीब 6-7 दिन बाद प्रदेश में आया है। पूरे प्रदेश में छाने के बाद भी थार में बारिश का इंतजार बना हुआ है। जबकि यहां प्री-मानसून जमकर बरसा था और पानी की आवक भी हुई थी। अब मानसून के आ जाने के बाद भी रोजाना बरसात की उम्मीदें धाराशायी हो रही है।
प्री में बरस गया बाड़मेर में 3 इंच से अधिक पानी
बाड़मेर शहर में ही प्री-मानसून में करीब 3 से इंच से अधिक बरसात रेकार्ड हुई थी। दो बार की अच्छी बरसात से शहर के तालाबों में भी काफी पानी आया है। वहीं चौहटन में भी अच्छी बरसात हुई और यहां तो प्री-मानसून की बरसात के निशां अभी तक बने हुए है। सड़क को तोड़कर पानी निकालना पड़ा था और वाहन तक बह गए थे। लेकिन अब मानसून में पूरा इलाका बरसात को तरस रहा है।
पिछले साल रूठा रहा था मानसून
पिछले साल 2021 में मानसून थार से रुठा रहा। आगमन के बाद काफी दिनों तक बरसात नहीं हुई। लेकिन लौटते वक्त बरसा तो जितनी बारिश क्षेत्र में सामान्य मानी जाती है, उसके आसपास का आंकड़ा आ गया। जिले में सामान्य बरसात 247.9 एमएम है और यहां पर पिछले साल मानसून में 242.7 एमएम बरसात रेकार्ड हुई थी।
खेतों में चलने लगे हल, जमाने की आस
जिले के कुछ क्षेत्रों में हुई मामूली बरसात के बाद मानसून की अच्छी बारिश की उम्मीद में खेतों में हल चलने शुरू हो गए है। किसान पूरे दिन मेहनत करते हुए बुवाई में जुट गया है। अब मानसून मेहरबान हो जाए तो किसानों की मेहनत सफल हो जाएगी। जमाने की आस में बुवाई में जुटे धरतीपुत्र भी अच्छी बरसात की उम्मीद बांधे हुए हैं।
2107 में हुई थी 465 एमएम बारिश
जिले में 2017 में रेकार्ड 465.9 एमएम बारिश हुई थी। जबकि 243.4 सामान्य बारिश का आंकड़ा था। देखा जाए तो करीब दोगुनी बरसात पूरे जिले में हुई थी। इसके बाद पिछले पांच सालों में 2017 जैसा मानसून कभी मेहरबान नहीं हुआ है। इस बार यह आस है कि फिर ऐसी ही बरसात जिले में हो तो राहत मिल जाए।

Published on:
06 Jul 2022 09:31 pm
Also Read
View All