बाड़मेर

मानसून की बेरुखी, अनाज के भाव उबले

पश्चिमी राजस्थान में इस वर्ष कमजोर बारिश के चलते किसानों व आमजन की नींद उड़ गई है। अनाज कारोबारियों के अनुसार शीघ्र बारिश नहीं हुई तो कमजोर पैदावार की संभावना को लेकर अनाज व चारे के भाव आसमान छू सकते हैं।

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Aug 04, 2018
Monsoon apathy, Prices of cereals on the sky
Monsoon apathy, Prices of cereals on the sky

मानसून की बेरुखी, अनाज के भाव उबले

- कम बारिश, कमजोर पैदावार की संभावना, अनाज के भावों में उछाल
- किसान, पशुपालक परेशान, स्टॉकिस्टों की बल्ले- बल्ले

- महंगाई बढऩे को लेकर आमजन की नींद उड़ी
बालोतरा .

पश्चिमी राजस्थान में इस वर्ष कमजोर बारिश के चलते किसानों व आमजन की नींद उड़ गई है। अनाज कारोबारियों के अनुसार शीघ्र बारिश नहीं हुई तो कमजोर पैदावार की संभावना को लेकर अनाज व चारे के भाव आसमान छू सकते हैं। एेसे में महंगाई के चलते पशुपालक, किसान व आमजन के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी। वहीं बाजरा, मंूग, मोठ, तिल, ग्वार स्टॉकिस्ट कारोबारियों की मौज हो गई है।
अगस्त माह का प्रथम सप्ताह शुरू हो गया है, लेकिन जिले भर में अच्छी बारिश की बजाय आंधी चल रही है। सम्पूर्ण मारवाड़ में कुछ क्षेत्रों के अलावा अधिकांश भाग सूखा है। वहीं जिन क्षेत्रों में बारिश हुई है ओर फसलें अच्छी अवस्था में है। वे अब पानी की जरूरत महसूस कर रही है। ठण्डी हवाएं चलने व वर्षा नहीं होने पर अब इन पर भी खतरा मण्डराना शुरू हो गया है। इससे किसानों व आमजन की रातों की नींद उड़ गई है।

किसान, पशुपालक परेशान

लंबे दिनों से वर्षा की बाट जो रहे किसानों के लिए अब एक-एक दिन गुजारना मुश्किल हो रहा है। अकाल के मण्डराते साए पर पशुपालकों की हालत सबसे अधिक खराब है। कमजोर वर्षा पर चारा व पानी की चिंता इन्हें खाए जा रही है। वर्ष भर की कमाई से वंचित रहने को लेकर किसानों की भी रातों की नींद उड़ गई है।
स्टॉकिस्टों की बल्ले-बल्ले

कमजोर मानसून पर कम पैदावार की संभावना को लेकर एक माह के अंतराल में कृषि जिंसों के भावों में बढ़ोतरी हुई है। एक माह पूर्व की तुलना में बाजरा प्रति क्ंिवटल 1275 से 1600 रुपए, मोठ 3200 से 3800 रुपए, ग्वार 3600 से 4200 रुपए, मतीरा बीज 3800 से 4200 रुपए, मंूग 4600 से 4800 रुपए, तिल 7000 से 8500 रुपए पहुंच गए हैं। भाव उछलने से स्टॉकिस्टों की बल्ले-बल्ले हो गई है।
महंगी हुई जरूरत

कम बारिश व कमजोर पैदावार की संभावना को लेेकर एक माह में भावों में अधिक बढ़ोतरी हुई है। प्रति क्ंिवटल करीब 300-500- 800-1200 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। पश्चिमी राजस्थान में ही सर्वाधिक बाजरा, मंूग, मोठ,ग्वार, तिल की बुवाई होती है। 15 अगस्त तक मारवाड़ में अच्छी वर्षा नहीं होती है, तब भावों में प्रति क्ंिवटल 500 से 700 रुपए की ओर बढ़ोतरी होगी। मण्डी कारोबारियों का ऐसा मानना है। ऐसे में जरूरत की वस्तुओं के भावों में बढ़ोतरी को लेकर आमजनकी भी रातों की नींदउड़ गई है।
बारिश नहीं तो भाव बढ़ेंगे

मारवाड़ व क्षेत्र में कमजोर बारिश से एक माह भर में भावों में अधिक बढ़ोतरी हुई है। शीघ्र ही वर्षा नहीं होने पर भावों में ओर बढ़ोतरी होगी।

- नरेश भण्डारी, अनाज कारोबारी

कमजोर रहा मानसून
इस वर्ष मानसून बहुत कमजोर है। कुछ भागों में ही वर्षा हुई है। यहां खड़ी फसलें अब पानी की जरूरत महसूस कर रही है। 15 अगस्त तक अच्छी वर्षा नहीं होने पर भावों में ओर अधिक उछाल आएगा।

- सुरेश रांका
गड़बड़ाएगा बजट

कमजोर मानसून को लेकर बहुत चिंतित हैं। शीघ्र ही अच्छी वर्षा नहीं हुई तो वर्ष भर मीठे पानी को लेकर तरसना पड़ेगा। कमजोर पैदावार पर भावों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट भी गड़बड़ाएगा।

- उत्तम एन.कांकरिया

Published on:
04 Aug 2018 08:36 am