
बाड़मेर।
राजस्थान के बाड़मेर जिले की एक साधारण सी महिला के जज्बे को आज पूरा देश सलाम कर रहा है। आर्थिक परेशानियों को मात देकर इस महिला ने एक ऐसा मुकाम पाया जिसके चलते उन्हें राष्ट्रपति सम्मानित करेंगे। महिला दिवस 2019 (Mahila Diwas 2019) पर मरूधरा की बेटी को राष्ट्रपति से सम्मान मिलना राजस्थान के लिए गौरव की बात है।
एक सामान्य परिवार की आठवीं कक्षा उत्तीर्ण घरेलू महिला रूमादेवी (Ruma Devi) 30 की उम्र में शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में देश के सर्वोच्च नारी शक्ति पुरस्कार (Nari Shakti Puraskar 2019) को प्राप्त करेगी। ये वह महिला है जो 2010 में घर में रुमाल पर कशीदा कढ़ती थी। रूमा सात बहनों में सबसे बड़ी हैं। रूमा ने अपनी दादी मां से कसीदाकारी कार्य सीखा था। रूमा कपड़े पर सुई-धागे से कसीदाकारी करती। फिर एक छोटे से स्वयं सहायता समूह में 100-100 रुपए की बचत कर पुरानी खरीदी गई सिलाई मशीन से रोजगार में जुटी।
मेहनत के बूते महिलाओं को दे रही हैं रोजगार (Barmer's Ruma Devi)
मेहनत के बूते खुद का समूह बनाया और इसके बाद एक स्वयंसेवी संस्थान से जुड़ते हुए करीब 22 हजार महिलाओं को जोड़ दिया और आज उन्हें हैण्डीक्राफ्ट के जरिए बड़ा रोजगार दे रही हैं। इन उत्पादों को बाड़मेर, जोधपुर, जयपुर, दिल्ली से आगे बढ़ते हुए जर्मनी, श्रीलंका, थाईलैण्ड, मलेशिया, सिंगापुर तक ले गई। जरूरत पड़ी कि उत्पादों को फैशन के रैंप पर उतारना होगा तो जानी-मानी मॉडल्स के साथ खुद ही रैंप पर पहुंच गई और बाड़मेरी हैण्डीक्राफ्ट को नई ऊंचाइयां दी।
यहां भी हो चुकी हैं सम्मानित
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए बाड़मेर के ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान की अध्यक्ष रूमा देवी को जयपुर के इंद्रलोक सभागार मे आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। गणतंत्र दिवस 2017 में जिला प्रशासन बाड़मेर ने, राज्यपाल कल्याणसिंह, वूमन ऑन विंग्स नीदरलेंड ने महिला शक्तिकरण अवार्ड, थार नारी शक्ति सम्मान, जैपोर ई-कॉमर्स ने हुनरमंद अवार्ड, आईएचजीएफ दिल्ली ने हस्तशिल्प कला संवर्धन, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हस्तशिल्प कला क्षेत्र में, विश्व के 51 प्रभावशाली लोगों में अंतर्राष्ट्रीय सीएसआर अवार्ड, शिल्प सज्जन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।