बाड़मेर

देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र की सड़कें इन दिनों बदहाल हैं, कुछ टूटकर बिखर गई हैं तो कहीं कटाव हो जाने से 3-4 फीट की खाई बन गई हैं

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सड़कें छलनी, जिम्मेदार दुरुस्त कराने की बजाय पेचवर्क में अटके

— वर्षों से नहीं हुई मरम्मत
— सीमावर्ती क्षेत्र की सड़कें खस्ताहाल, सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण
— सीमा सड़क संगठन (ग्रेफ) का मुख्य कार्य हैं, इन सड़कों का सुधार
गडरारोड. देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र की सड़कें इन दिनों बदहाल हैं। कई जगह सड़कें टूटकर बिखर गई हैं तो कहीं सड़कों के किनारे से मिट्टी का कटाव हो जाने से तीन से चार फीट गहरी खाई बन गई हैं। ऐसे में यहां हर समय हादसे की आशंका रहती है।

सीमा सड़क संगठन (ग्रेफ) का मुख्य कार्य हैं, इन सड़कों का सुधार
हालांकि इन सड़कों की देख-रेख के लिए सीमा सड़क संगठन (ग्रेफ) मुस्तैद है। सड़कों को पूरी तरह व्यवस्थित रखने के लिए पीडब्ल्यूडी से अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। बीते कुछ वर्षों से कार्य में ढिलाई के चलते सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। कई मजदूरों को हटा देने से गर्मी के मौसम में आंधियों के दौरान इन सड़कों से रेत हटाने का कार्य भी नहीं हो पाता।

ग्रामीण असमंजस में, शिकायत कहां करें
पूर्व में क्षेत्र की सभी सड़केें सीमा सड़क संगठन के जिम्मे थी। इसके बाद कुछ सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सङ़क योजना, प्रमुख बड़ी सड़कें पीडब्ल्यूडी व ग्राम पंचायत के क्षेत्र में आ गई। इसको लेकर ग्रामीण भी समझ नहीं पा रहे हैं कि कौनसी सड़क की शिकायत कहां करें।

यहां की सड़कों की हालत खराब
सीमा क्षेत्र में 2001 से 2005 के बीच बनी सड़कों की बनने के बाद एक बार भी मरम्मत नहीं हुई। इससे इन सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। कई जगह तो सड़कें कंकरीट में ही बन गई। क्षेत्र के गडरारोड से हरसाणी 28 किमी, उतरबा से लालासर- खानयानी- रावतसर तक सड़क की हालत खराब है। साथ ही गडरारोड से खलीफे की बावड़ी, मठाराणी-खानयानी-रावतसर 26 किलोमीटर, खलीफे की बावड़ी से खुडाणी 16 किमी, खलीफे की बावड़ी से पाबूसरी, उगेरी के फांटे के बीच 24 किमी सड़कों पर भी मरम्मत की जरूरत है।

Published on:
10 Oct 2018 09:01 pm