बाड़मेर

बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, आग लग जाए तो बचाना होगा मुश्किल।

-मॉल्स और इमारतों में आग पर काबू के नहीं पर्याप्त इंतजाम -सैकड़ों इमारतें, आग बुझाने को लेकर नहीं जागरूक
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No adequate arrangement to control fire in malls and buildings
No adequate arrangement to control fire in malls and buildings

बाड़मेर. शहर में बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतों में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। आग लगने पर यहां से लोगों को बचाना भी मुश्किल है। सूरत में शुक्रवार को बहुमंजिला इमारत में हुए भयानक हादसे जैसा बाड़मेर में भी हो सकता है, क्योंकि हर स्तर पर अनदेखी हो रही है। बाड़मेर के महावीर नगर के सिटी सेंटर में आग से कुछ ऐसे हालात हो चुके हैं। यह तो गनीमत रही कि समय पर आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन उस मामले की जांच का आज तक क्या हुआ, अधिकारियों तक को पता नहीं है।

बाड़मेर में धड़ल्ले से बहुमंजिला इमारतें बन रही हैं। यहां फायर एनओसी नगर परिषद जारी करती है। लेकिन जिम्मेदार यह नहीं देखते कि इमारत बनने के बाद यहां पर आग लगने की स्थिति में निपटने के लिए क्या संसाधन हैं और ये काम भी कर रहे हैं या नहीं।

फायर फाइटिंग सिस्टम की अनदेखी

बढ़ती आबादी के साथ जहां मॉल्स व बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतें बढ़ी हैं तो यहां पर लोगों का आने-जाने से भीड़ भी खूब रहती है। इन इमारतों में ही फूड जोन भी हैं। अधिकांश मामलों में यहां पर मिलने वाला खाना इसी परिसर में बनाया जाता है। ऐसे में आग लगने की आशंका ज्यादा हो जाती है। लेकिन यहां पर अनदेखी इतनी अधिक है कि फायर फाइटिंग सिस्टम तक नहीं है। कहीं सिस्टम है तो काम नहीं करता है। नियमित रूप से देखरेख नहीं होती है। इसमें भी कोताही साफ तौर पर देखी जा सकती है।

इमारत निर्माण में नियमों की अनदेखी

बहुमंजिला इमारतों में नगर परिषद से ली गई अनुमति के अलावा भी कई तरह के निर्माण करवा दिए जाते हैं। जो नियमों के विपरीत तो होते ही हैं, ये आग लगने या ऐसे ही किसी हादसे में बचाव में भी बाधा बन जाते हैं। लेकिन जिम्मेदार इनसे बेखबर ही हैं। शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंच जाते हैं, लेकिन नियमित जांच करने जैसा कोई काम कभी नहीं दिखता है।

इमारतों की ऊंचाई बढ़ी, दमकलें वही पुरानी

बहुमंजिला इमारतों में आग लगने पर उस पर काबू पाना दमकलों के बस की बात नहीं है। इमारतें आसमान से बातें करती नजर आती हैं तो दमकल की ऊंचाई उसके मुकाबले कुछ ही नहीं हैं। ऐसे में ऊपर की मंजिल में आग लगने की स्थिति में दमकल भी बेबस हो जाती है। शहर में बहुमंजिला इमारतें बढ़ती जा रही है, लेकिन आग बुझाने के संसाधन अभी भी सालों पुराने हैं।

दो साल में आग की दो बड़ी घटनाएं

महावीर नगर सिटी सेंटर

बाड़मेर के सिटी सेंटर में 14 जनवरी 2018 को दिन में आग लगी थी। यहां रहवासीय के साथ व्यवसायिक गतिविधियां भी संचालित होती है। लेकिन जब हादसा हुआ तो यहां लगा फायर फाइटिंग सिस्टम कुछ काम नहीं आया। दमकल से ही आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। यहां रहने वालों को नुकसान जरूर हुआ। इस मामले की जांच के आदेश हुए थे। लेकिन सब कुछ ठंडे बस्ते में चला गया।

कृषि मंडी में जली थी दुकानें

शहर की कृषि मंडी में 16 अप्रेल 2017 की रात को एक गोदाम से शुरू हुई आग कुछ ही देर में बड़े क्षेत्र में फैल गई। यहां आग बुझाने के कोई साधन नहीं थे। इसलिए आग पर तुरंत काबू नहीं पाया जा सका। यहां की दुकानों में भारी नुकसान हुआ। लाखों का सामान जल गया। आग के मामलों की जांच के निर्देश दिए गए लेकिन दो साल बाद भी कुछ पता नहीं चल पाया।

Published on:
25 May 2019 02:01 pm