संचालन का जिम्मा अब निजी कम्पनी के हाथों में
दिलीप दवे
बाड़मेर. डिस्कॉम के हाथों से अब विद्युत व्यवस्था की जिम्मेदारी भी आधी हो जाएगी, क्योंकि जीएसएस संचालन का जिम्मा अब निजी कम्पनी के हाथों में होगा। जिले के डेढ़ सौ जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन)हरियाणा की एक कम्पनी संचालित करेगी। नए साल से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। अकेले बाड़मेर डीविजन में करीब डेढ़ सौ जीएसएस निजी हाथों में जाएंगे।
घर, प्रतिष्ठान, दुकान और कृषि कुओं पर रोशनी देने वाला डिस्कॉम अब जीएसएस संचालन के झंझट से मुक्त हो जाएगा, हालांकि पूरी तरह से यह स्थिति नहीं होगी, लेकिन जिले के 235 जीएसएस में से 150 जीएसएस संचालन के लिए निजी कम्पनी को दिए जाएंगे। इसे लेकर सम्पूर्ण कार्रवाई हो चुकी है और नए साल में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। डिस्कॉम ने इसके लिए हरियाणा की कम्पनी सिरसा बंशीवट को-ऑपरेटिव एलएनसी प्राइवेट लिमिटेड को यह जिम्मा सौंपा है। कम्पनी और डिस्कॉम के बीच करार हो चुका है। गत 19 दिसम्बर को वर्क ऑर्डर भी जारी हो चुके हैं। इस आधार पर कम्पनी इन जीएसएस को संचालित करेगी। दो चरणों में यह करार पूरा होगा। पहले में 75 व दूसरे चरण में 75 जीएसएस निजी कम्पनी को सौंपे जाएंगे।
इतने जीएसएस जाएंगे प्राइवेट हाथों में
जिले में डिस्कॉम बाड़मेर वृत्त के नाम से जाना जाता है। इसमें तीन उपखण्ड
(डिवीजन), बाड़मेर, बालोतरा व गुड़ामालानी है। बाड़मेर डिवीजन में 112, बालोतरा में 56 व गुड़ामालानी में 67 जीएसएस हैं। इनमें से बाड़मेर के 100, बालोतरा व गुड़ामालानी के 25-25 जीएसएस प्राइवेज सेक्टर को दिए जा रहे हैं।
यह राशि होगी देय
- निजी कम्पनी को प्रति जीएसएस संचालन के बदले हर माह 29 हजार 383 रुपए दिए जाएंगे। जिस पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। एेसे में एक जीएसएस का संचालन करने के बदले कम्पनी को करीब चौबीस हजार रुपए मिलेंगे। कम्पनी प्रत्येक जीएसएस पर तीन कार्मिक देखभाल के लिए लगाएगी।
सरकारी कार्मिक अन्यत्र स्थानांतरित
- वर्तमान में इन जीएसएस पर सरकारी कर्मचारी कार्यरत है। कम्पनी के हाथों में संचालन जाने पर डिस्कॉम कार्मिकों को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा। जिसके चलते शेष जीएसएस की देखरेख अच्छे से हो सकेगी।
वर्क ऑर्डर जारी
- जिले के 150 जीएसएस का संचालन निजी कम्पनी को सौंपा जाएगा। इसके लिए वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं। आने वाले दिनों में जीएसएस निजी कम्पनी संचालित करेगी। जीएसएस पर कार्यरत कार्मिकों को अन्य जगह भेजा जाएगा, जिससे शेष रहे जीएसएस पर भी सेवा में सुधार होगा। निजी कम्पनी को संचालन देने से वहां भी स्थिति ठीक होगी। डिस्कॉम प्रभावी मॉनिटरिंग करेगा।
- एमएल जाट, अधीक्षण अभियंता डिस्कॉम वृत्त बाड़मेर